Bebasi Shayari

जिंदगी में इस क़दर बेबसी है | Bebasi Shayari

जिंदगी में इस क़दर बेबसी है

( Zindagi mein is qadar bebasi hai ) 

 

यूं तो मेरे पास हर इक ख़ुशी है
जिंदगी में फ़िर भी कोई कमी है

साथ देना दोस्तों का हमेशा
रोज़ अम्मी बात ये कह रही है

बात किससे अब कहे दिल की अपने
ये जहां मेरे लिये अजनबी है

हाथ कैसे फ़िर मिलेगा यहाँ तो
जब दिलों के बीच में दुश्मनी है

क्या जमाना आ गया देखलो अब
भाई भाई में अब उल्फ़त नही है

चाहकर भी कुछ नहीं होता आज़म
जिंदगी में इस क़दर बेबसी है

 

शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )

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