Jai Ho

जय हो | Jai Ho

जय हो

( सूर्य नमस्कार एवं युवा दिवस विशेषांक )

 

जय हो, जय हो, जय युवा वर्ग,
जय हो, जय हो, जय योगा पर्व।
जय हो…।।

सूर्य नमस्कार नित्य ही करो,
जीवन में खुश सर्वदा ही रहो।
योगा पर्व की सभी को बधाई,
युवा दिवस की हार्दिक बधाई।
जय हो…।।

स्वस्थ रहो तुम निरोगी रहोगे,
नित्य दिवस जब योगा करोगे।
युवा वर्ग जो कर्म ऐसा करेगा,
योगा से मन प्रफुल्लित रहेगा।
जय हो…।।

युवा उठो तुम हौंसला जगाओं,
योगा की लहर संसार में बहाओं।
काम ऐसा तुम करके दिखाओं,
अपना जग में तुम नाम कमाओं।
जय हो…।।

हरिदास बड़ोदे ‘हरिप्रेम’ मेहरा
साहित्यकार/शिक्षाविद/समाजसेवी/गीतकार
आमला, जिला- बैतूल (मध्यप्रदेश)

यह भी पढ़ें :-

विश्व हिंदी दिवस | Vishwa Hindi Diwas

Similar Posts

  • वाह भाई वाह | Wah Bhai Wah

    वाह भाई वाह ( Wah Bhai Wah )   बालपन से बनना चाहतें कवि-लेखक साहित्यकार, मन में थी उनके ऐसी आशा उसको किया साकार। तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो से बनाएं पहचान, शैलेश लोढ़ा नाम है जिनका सपनें किया साकार।। ९ वर्ष की उम्र में जिन्होंने बाल-कवि उपनाम पाया, ये साहित्य की प्रेरणा इन्होंने…

  • दोस्त | Kavita Dost

    दोस्त ( Dost ) ( 2 ) दोस्त बिना है जीवन अधूरा लड्डू सी है गजब दोस्ती आटा संग जैसे रमे बूरा बिन कहे पहचान सब जाए ह्दय मन हलचल का हाल पूरा मित्रता नमक और पानी धरती और फसल धानी ना शर्म झिझक ना कोई बने ज्ञानी कृष्ण सुदामा की अनुपम कहानी बचपन से…

  • Kavita Neta Ji | चुनाव क्यों न टले नेता जी कहें

    चुनाव क्यों न टले : नेता जी कहें ( Chunav Kyon Na Tale : Neta JI Kahen )   एक महीने का भाग दौड़, पांच साल मौज ही मौज। लूटो कूटो जनता पर टूटो, दाना दुनका कभी कभार छींटों। चढ़ें हवाई जहाज ठहरें होटल ताज है अपना तो राज ही राज! गाड़ियों की है लंबी…

  • मैं हूं मोबाइल | Kavita Main Hoon Mobile

    मैं हूं मोबाइल ( Main hoon mobile )   मैं हूं एक प्लास्टिक का बॉक्स, आ जाता एक पॉकिट में बस। कोई रखता मुझे शर्ट पाॅकिट, कोई रखता है पेंट की पाॅकिट।। मेरे बिन कोई काम ना चलता, हाथ में नही दिमाग़ ना चलता। सुबह से लेकर शाम हो जाएं, उंगलियाँ मानव लगाता रहता।। मुझको…

  • प्रार्थना 

    प्रार्थना  हो दया का दान प्रभु , विनती यही है आप से  हम बने इस योग्य प्रभु , बचते रहें हर पाप से।  जो मिला जीवन हमें ,प्रभु एक ही आधार हो  कर  सकें  नेकी  बदी , ऐसा मेरा व्यवहार हो हो  बुराई  दूर  खुद , हे! प्रभु  तेरे  प्रताप  से,  हो दया का दान…

  • माँ की यादें | Kavita Maa ki Yaadein

    माँ की यादें ( Maa ki Yaadein ) ( 3 ) जिनकी मां स्वयं, वृद्धाश्रम की चौखट पर, बेटे को याद करते हुए, जीवन गुजार दिया था । देख रहीं थीं मां अपलक, बेटे को दूर और दूर जाते, मां को यू अकेले ही छोड़ते, ‌‌बेटे को थोड़ी दया नहीं आई। आज उसके बेटे ने,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *