उन्वान | Unwan
उन्वान
( Unwan )
वो पन्ना
किताब का
सोचा था
मुकम्मल
हो गया
चंद लफ्ज़ों की
कमी थी
उसकी बस
तकमील को
लम्हों की
स्याही ऐसी
कुछ बिखरी
पन्ना नया
अल्फाज़ वही
मगर
उन्वान ही
बदल गया..

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )


ए दिल सुन जरा 1 उसकी यादों में दिन कटता उसके ख़्वाबों में रातें कटती ए दिल सुन जरा तू भूल जा उसको ज़रा 2 जो तेरा नहीं हुआ है उसको क्या याद करना भला ए दिल सुन ज़रा तू भूल जा उसको ज़रा 3 किया था वादा उसनें साथ निभाने का कभी और…

आइसक्रीम ( Icecream ) आइसक्रीम तो सभी की पसंदीदा कहलाती है, सर्दी गर्मी बारिश हर मौसम में खायी जाती हैं। बचपन में मटका कुल्फी की टन टन हमें बुलाती थी, उसके पास पहले पहुँचने की होड़ हम में लग जाती थी। ऑरेंज, वनीला, रास्पबेरी मैंगो कितनी प्यारी लगती थी, सॉफ्टी कोन की तो फिर भी…

कुशल राजनीतिज्ञ थे वाजपेयी ( Kushal rajnitigya the Vajpayee ) अपनें आदर्शों से बनाई जिन्होंने ख़ास पहचान, ऐसे कुशल राजनीतिज्ञ थें वें प्रधानमंत्री महान। अटल जिनके इरादें एवं अटल बिहारी था नाम, ढ़ेर कविताएं लिखी इन्होंने बरसे जिससे ज्ञान।। वें प्रेरणादायक ऐसी रचनाएं हुई प्रसिद्ध संसार, ज्ञान ध्यान वें करते रोज़ाना सबसे…

हम जिंदा हैं हम जिंदा हैं क्योंकि हमारे जिंदा रहने के कारण हैं भले ही हमारी रगों का लहू सूख चुका है हमारे कानों तक नहीं पहुंचती कोई चीख पुकार ना ही कोई आहो बका हम नदी के कगारों पे खड़े ठूंठ हैं हम खामोश हैं क्योंकि हम दर्शक हैं …

शीत का प्रथम स्पर्श जब शीतल पवन ने कानों को छुआ,आँगन में अलसाई धूप ने अंगड़ाई ली।पत्तों पर ओस की मोती-सी बूंदें,धरती ने मानो सर्द चादर ओढ़ ली। सूरज भी अब मद्धम मुस्कुराने लगा,दोपहर का आलस लंबे साए में छुपा।हाथों में गर्म चाय की प्याली सजी,संवेदनाओं का अंश हर कण में बसा। पगडंडियों पर कोहरे…

पापा की परी से प्रेम कहानी ( Papa ki pari se prem kahani ) सुना था परियां आसमान में रहती है, तो फिर क्यों एक लड़की मुझे हर रोज चाहती है, सुना था कहते उसके बारे में कि वो अपने पापा की परी है, तो फिर क्यों वो जमीं पर रहती है, सुना था…
