Astitva ki Talash

अस्तित्व की तलाश | Astitva ki Talash

अस्तित्व की तलाश

( Astitva ki Talash )

 

पुरुष प्रधान समाज में अटक रही है नारी,
जमीन आसमां के बीच लटक रही है नारी !

सब कुछ होकर भी कुछ पास नहीं उसके,
अस्तित्व की तलाश में भटक रही है नारी !

बंदिशों के जाल में फँसी मछली की तरह,
खुद से लड़ती किस्मत पटक रही है नारी !

जीने की चाह लिए मन ही मन खुश होती,
अपने में मस्त होकर मटक रही है नारी !

रास नहीं आता किसी को आगे बढ़ जाना,
हर इंसान की नज़र में खटक रही है नारी !!

DK Nivatiya

डी के निवातिया

यह भी पढ़ें:-

माहिया | Mahiya

Similar Posts

  • Neend par Kavita | नींद नहीं आसां

    नींद नहीं आसां ( Neend Nahi Aasan ) चीज नई नहीं है, सहज भी नहीं है। बमुश्किल आती है, मेहनतकशों को लुभाती है। आरामतलबों को रूलाती है, बमुश्किल उन्हें आती है; अनिद्रा रोगी बनाती है। खाते औषधि दिन रात, फिर भी बनती नहीं बात। बद से बदतर जब होते हालात- तो निकलते सुबह सैर पर,…

  • शिंजो अबे का इस्तीफा

    शिंजो अबे का इस्तीफा *****   कोरोना के बीच जापानी प्रधानमंत्री ने इस्तीफे की घोषणा की है, सुन जापानियों में एक हलचल सी मची है। शेयर बाजार धराशाई हो गया, एक स्थिर सरकार का यूं विदाई हो गया। महामारी के बीच नया संकट पैदा हुआ है अभी आबे का कार्यकाल, एक वर्ष बचा हुआ है।…

  • नवरात्र के प्रसाद में | Navratra

    नवरात्र के प्रसाद में ( Navratra ke Prasad mein )    सृजनात्मकता प्रस्सपुरण,नवरात्र के प्रसाद में परम काल चेतना जागरण, रज रज मांगलिक भोर । नव नौ रूप मां अनूप दर्शन, शक्ति भक्ति अलौकिक छोर । तमोगुणी शोध विवेचना, जय माता दी संवाद में । सृजनात्मकता प्रस्सपुरण, नवरात्र के प्रसाद में ।। आराधना शीर्ष स्पर्शन,…

  • Jal par kavita | जल ही जीवन

    जल ही जीवन ( Jal Hi Jeevan Hai )   बूॅ॑द -बूॅ॑द  से  घड़ा  भरे, कहें  पूर्वज  लोग, पानी को न व्यर्थ करें, काहे न समझे लोग।   जल जीवन का आधार है,बात लो इतनी मान। एक  चौथाई  जल  शरीर,  तभी थमी है जान।   जल का दुरुपयोग कर, क्यों करते नुकसान। जल  से  है …

  • पुष्प | Pushp

    पुष्प ( Pushp )   टूट के डाल से जुदा हो गया फूल तो अपना नूर खो गया मुरझाया मगर खुशबू दे गया बिन कहे बहुत कुछ कह गया जिंदगी बस यूं ही तमाम होगी मुस्कुराया अलविदा हो गया नाम था अब बेनाम हो गया काम का अब बेकाम हो गया नियति का उसे भान…

  • आदर्श आचार संहिता | Kavita Adarsh Aachar Sanhita

    आदर्श आचार संहिता ( Adarsh Aachar Sanhita ) सबको रोकेगी, सब पर कानून लगायेगी। देश में चुनावी दंगल से पहले, आचार संहिता लग जायेगी। सबको पाबंद करेगी, सबको यह समझायेगी- उद्दण्ड़ करोगे; तो पछताओगे, आयोग के अधिकारों की डंड़ी, गलती करने वाले पर आचार संहिता का डंड़ा चलायेगी। उल्लंघन की गलती, इतनी भारी पड़ेगी, देखे,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *