नव ऊर्जा का उत्सव

नव ऊर्जा का उत्सव

नव ऊर्जा का उत्सव

युवाओं का यह दिन अनमोल,
बनाता है हर सपने को गोल।
जोश, जुनून, और हौसलों का संग,
युवाओं के दम पर बढ़ता ये रंग।

देश की ताकत, नई उमंग,
युवाओं में दिखता हर तरंग।
ज्ञान की गंगा, साहस की धारा,
युवा ही तो हैं भारत का सहारा।

स्वामी विवेकानंद के शब्दों का असर,
युवाओं में जलता है प्रेरणा का शर।
“उठो, जागो, लक्ष्य की ओर बढ़ो,”
हर चुनौती से अब तुम लड़ो।

शिक्षा, तकनीक, या हो उद्यम,
हर क्षेत्र में युवा करें परचम।
आसमान को छूने का है जुनून,
इनसे सजता है भारत का हर कोना।

हर युवा में है अद्भुत शक्ति,
हर पल में है छिपी एक भक्ति।
देश के प्रति समर्पण अपार,
युवा हैं जो लिखते भारत का सार।

युवा दिवस पर करो ये ऐलान,
अपने सपनों का बनो भगवान।
न मेहनत रुके, न हो थकावट,
हर कदम बढ़ाओ, हर जीत बुलाओ।

युवा दिवस है नव चेतना का पर्व,
हर दिल में भरता नया स्वर्ण।
चलो साथ मिलकर प्रण लें,
भविष्य के भारत को सुंदर बनाएं।

युवा हैं देश के उजाले सितारे,
इनसे ही बनते भविष्य के सहारे।
संकल्प से सजे उनके अरमान,
करेंगे भारत को स्वर्णिम और महान।

अवनीश कुमार गुप्ता ‘निर्द्वंद’
प्रयागराज

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