266वां भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस
266वां भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस
भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।
मानव जीवन को धर्म कर सफल बनाये ।
हमको आज हो मिला हैं फिर न मिलेगा ।
बगिया में सुरभित यह फूल महान हैं ।
जो खिला – खिला हैं फिर न खिलेगा ।
भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।
हीरों – सा चमकीला जीवन हम क्यों व्यर्थ गंवाते ।
संसार के कीचड़ में पड़कर हम क्यों भव – भ्रमण करते ।
अपने इस मैले मन को हम क्यों भूल से नहीं देखते ।
मानव जीवन पूर्व सुकृत का मीठा फल हैं ।
भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।
हम निष्क्रिय क्यों बैठे जबकि क्रिया हमको पुकार रही हैं ।
हम सन्देह क्यों पालते जबकि धारा बन ज्योति बही हैं ।
भौतिक चकाचौंध में क्यों उलझे जबकि आत्मा निर्मल पावन हैं ।
हम अपना विधान क्यो भूल रहे है जबकि आत्मा परमात्मा हैं ।
भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।
जो हम बाहर खोज रहे हैं सभी वह अन्दर हैं हमारे ।
प्रतिबिम्ब हमारा ही हर नर में खड़ा निहारें ।
हम अपनी सही पहचान क्यों न कर सके ।
संसार के बन्धन को तोड़ आत्मा का “प्रदीप “ पायें ।
भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।

प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)







