Doctor

डॉक्टर | Doctor

डॉक्टर

( Doctor )

 

जो दिल की धड़कन सुनते दिल की दस्तक भी।
जो रग-रग को पहचानते पढ़ लेते मस्तक भी।

जो हर दर्द और पीड़ा का इलाज करते हैं।
पर कुछ कुछ घाव शायद देर से भरते हैं।

जिनके पास देने को गोली कैप्सूल इंजेक्शन है।
जिनके लफ्जों में ही अटका रहता इन्फेक्शन है।

जिन का वास्ता सदा मरीज से पड़ता रहता है।
जिनके खर्चों का बिल हमेशा चढ़ता रहता है।

जिनके इर्द-गिर्द व्हील चेयर ही घूमती रहती है।
बस जांचें ही मरीज के सही हालात कहती हैं।

जिनका वक्त ऑपरेशन थिएटर में बीत जाता है।
किस्मत वाला होता जो लौटकर बाहर आता है।

जो जीवन की सांसो में ऑक्सीजन भरते हैं।
वरना यहां कितने लाचार सड़कों पे मरते हैं।

जो शुगर बीपी संतुलित रखने की राय देते हैं।
माफ़ करना भाई साहब राय के पैसे लेते हैं।

जो अस्पताल के वार्ड में ही मस्त रहते हैं।
वो झरने पैसों के यहां यूं ही नहीं बहते हैं।

जो लोगों की सदा जीवन रक्षा किया करते हैं ।
दवा देकर जांच का बिल थमा दिया करते हैं।

जिनको धरती का हमेशा भगवान कहा जाता है।
ठाठ बाट ऐशो आराम यहां सीधा चला आता हैं।

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

बदलाव की लहर | Badlav ki Lahar

Similar Posts

  • मेरी प्यारी हिन्दी

    मेरी प्यारी हिन्दी हिंदी भाषा का गुणगान कैसे करूं,हिंदी भाषा का बखान कैसे करूं।अपरिभाषित है मेरी हिंदी भाषा,परिभाषा ही नहीं परिभाषित कैसे करूं।। सबको मान व सम्मान हिंदी देती है,अपना नया रूप एक छोटी सी बिंदी देती है।हलन्त, पदेन, रेफ का महत्व होता है,गद्य पद्य के रूप नए-नए शब्द गढ़ देती है।। हिंदी अपनी सीमा…

  • गुरु तेग बहादुर साहिब जी | GuruTeg Bahadur Sahib Ji

    गुरु तेग बहादुर साहिब जी ( Guru teg bahadur sahib ji )    धर्म सुरक्षा के ख़ातिर, जीवन कर दिया न्यौछावर। हिन्द की चादर कहलाएँ, आज गुरु जी तेग बहादुर।। गुरु हरगोबिंद साहिब जी पिता, और नानकी जी थी माता। नाम बचपन त्यागमल था उनका, अमृतसर में जन्म हुआ गुरुवर का।। स्वभाव इनका संत समान,…

  • व्हाट्सएप का संसार | WhatsApp par kavita

    व्हाट्सएप का संसार  ( WhatsApp ka sansar )    आज मैं व्हाट्सएप की गलियों में घूम आया , फिर सोचा मैंने वहां क्यों समय गवाया। मैसज देखकर जब अपने अंदाज से मोबाइल में कुछ समूह को मैंने फुलफिल भरा भरा सा पाया, कुछ समूह का आनंद लिया,बाते करके मैंने बहा कुछ में जाकर टांग अड़ाया,उत्तर…

  • प्रेयसी | Preyasi

    प्रेयसी ( Preyasi )    सृष्टि में  संचरित अथकित चल रही है। प्रेयसी ही ज्योति बन कर जल रही है।।   कपकपी सी तन बदन में कर गयी क्या, अरुणिमा से उषा जैसे डर गयी क्या, मेरे अंतस्थल अचल में पल रही है।। प्रेयसी०   वह बसंती पवन सिहरन मृदु चुभन सी, अलक लटकन नयन…

  • टुन्न टुन्नू की होली | Kavita Tunn Tunnu ki Holi

    टुन्न टुन्नू की होली ( Tunn Tunnu ki Holi )   अबकी बेरिया होली मइहां, टुन्नू भइया पीकर भंग। चटक मटक होरिहारन संग, दिन भर रहे बजावत चंग। सांझ भई तो घर का पहुॅचे, देखि भये बड़कउनू दंग। मंझिला भौजी मिलीं दुवरिया, नैन मटक कर खींची टंग। छमिया भरी बाल्टी उड़ेली, ढलकि गये तब सगरे…

  • घर घर आएंगे राम | Ghar Ghar Aayenge Ram

    घर घर आएंगे राम ( Ghar Ghar Aayenge Ram )   घर घर राम आएंगे मर्म धर्म का बतलाएंगे पुन स्थापित होंगे राम अवध में फिर से प्राण प्रतिष्ठा होगी जन-जन के हित साधें राम नरेश अवध के जय श्री राम मनु के वंशज कहलाते श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम है श्री राम कौशल्या सुत दशरथ…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *