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गुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु | Teacher’s Day Par Kavita
ByAdminगुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु ( Gurur Brahma Gurur Vishnu ) जहाँ सिर श्रृद्धा से झुक जाते है अपने शिक्षक सभी याद आते हैं माँ मेरी प्रथम शिक्षिका है मेरी जीवन की वही रचियेता है पिता से धेर्य सीखा और सीखी स्थिरता चुपचाप जिम्मेदारी वहन करना और मधुरता दादी दादा नानी नाना से सीखा मिलजुल…

मैं हूॅं फौजी | Fauji par kavita
ByAdminमैं हूॅं फौजी ( Main hoon fauji ) मैं हूॅं फौज का एक फीट जवान, करता में देश की सुरक्षा जवान। डयूटी में नहीं लापरवाहीं करता, दिन व रात यह डयूटी में करता।। हजार रुपए मुझे रोज़ है मिलता, फ़ौज में सबको मौज यह रहता। थोड़ा बहुत यें ग़म भी हमें रहता,…

होली का गुलाल | Kavita Holi ka Gulal
ByAdminहोली का गुलाल ( Holi ka Gulal ) होली का गुलाल कहें, ये रंगो की बौछार कहें मन में प्यार का संचार होना चाहिए।। मिले सब होली में, घर आए बैठे यार सात्विक भोजन से ही सत्कार होना चाइए ! रिफाइंड से तो बने लाख पकवान सेहत का भी सबको ख्याल होना चाहिए।। होली…

हाथी घोड़ा और पालकी | Krishna Bhajan
ByAdminहाथी घोड़ा और पालकी ( Haathi ghoda aur palki ) हाथी घोड़ा और पालकी, जय बोलो कंहैयालाल की। केशव माधव गोपाल की, गोकुल लाला नंदलाल की। भक्तों के प्रतिपाल की, वृंदावन बिहारी लाल की। मां यशोदा के लाल की, बाल कृष्ण गोपाल की। जय द्वारका नाथ की, मेरे प्यारे दीनानाथ की। जय बोलो हरि…

Hindi Poetry On Life -पत्रकार की गिरफ्तारी पर अपनों की चुप्पी?
ByAdminपत्रकार की गिरफ्तारी पर अपनों की चुप्पी? ( Patrakar Ki Giraftari Par Apno Ki Chuppi ) ************ बोल नहीं जुटेंगे उनके बड़ा झोल है मन में उनके संरक्षण में पलने वाले मौका खोजते कब भड़ास निकालें? बारी जब विपक्ष की हो! सत्ता पक्ष आते ही, कैसे छिपा लें? कैसे दबा दें? नमक का कर्ज जल्द…

फर्स्ट कि सेकंड इनिंग | First ki Second Inning
ByAdminफर्स्ट कि सेकंड इनिंग ( First Ki Second Inning ) स्त्री तुम बाढ़ तो नहीं हो पावन नदी हो । अपनी मर्यादा में बहो प्रभु की मर्यादा में रहो। तुम आधुनिकता में उड़ता हुआ बवंडर नहीं! उजड़ा हुआ खंडहर नहीं! रंगभरी तस्वीर हो । जिंदगियों में रंग भरो ज़िंदगी को इंद्रधनुष करो। ख़ुद से…

