खरीद खरीद कर थक गया हूं

खरीद खरीद कर थक गया हूं | Kavita Khareed Khareed kar

खरीद खरीद कर थक गया हूं

( Khareed khareed kar thak gaya hoon )

 

सेनेटाइजर खरीदा
खरीदा आक्सीमीटर
मास्क साथ में हैण्डवाश
लाया आयुष काढ़ा
तब जबकि आमदनी हुई आधा
पीया गिलोय तुलसी का रस
नारियल पानी भी ठसम ठस
कभी पैरासिटामोल
तो कभी खरीदा मल्टी विटामिन
कभी डेक्सामेथासोन एजीथ्रोमाइसीन ।
टीवी अखबार में जो जो बताया
सारे उपाय संसाधन खरीदे और अपनाया
फिर भी डर कोरोना का बार बार सताया
आरटी पीसीआर, एंटीजन कीट से जांच भी कराया
समझ कुछ नहीं आया
इस कोरोना ने आदमी से क्या क्या नहीं खरीदवाया ?
क्या क्या नहीं करवाया?
अभी और न जाने क्या क्या कराएगा?
ऐसे ही चलते रहा तो सबको मरवाएगा!
घर की बचत को लगी चपत,
अब तो रोटी दाल पर है आफत!
कभी कभी तो होती नहीं जीने की चाहत,
उठा लेता खुदा तो होती राहत।
खरीद खरीद कर थक गया हूं,
आम आदमी हूं ;
उद्योगपतियों के चंगुल में फंस गया हूं।
मुनाफा वसूली व्यवसायियों की बढ़ती जा रही है,
जमाखोरों की कोठियां चंद सालों में पिट जा रही है।
ये आज का दौर है,
गरीबों कोई ग्रह नया ढ़ूंढ़ो
अब यहां नहीं तुम्हारा ठौर है।

नवाब मंजूर

लेखकमो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें : –

शर्मनाक स्थिति | Kavita

 

Similar Posts

  • देवा श्री गणेशा | Deva Shree Ganesha

    देवा श्री गणेशा ( Deva shree ganesha )    रिद्धि सिद्धि के दाता सब विध्नहर्ता, सब कार्यों में प्रथम पूज्य शुभारंभ कर्ता। देवा श्री गणेशा……. सबसे निराले और विलक्षण रूप धारी, शुभ और लाभ दाता हैं मंगल कारी। देवा श्री गणेशा…… इनकी पूजा बिना न कोई काम होवे, इनको है भाते मावा, लड्डू और खोवे।…

  • फूल | Phool kavita

     फूल ( Phool kavita )   –> ये फूलों का संसार, ये फूलों का संसार || 1.फूलों का संसार बेहद रंगीन, सुंदर सुगंधित रहता है | फूलों के साथ जीना सीखो, हर फूल कुछ तो कहता है | लाल-गुलाबी-सफेद-जामुनी, कुछ सतरंगी होते हैं | कुछ तो होते बड़े सुनहरे, कुछ छोटे-छोटे होते हैं | –>…

  • मिलने की आस | Poem milne ki aas

    मिलने की आस ( Milne ki aas )   मिलना हो तुझसे ऐसी तारीख मुकर्रर हो जाए मैं जब भी आऊं तेरा बनकर तू भी मेरी हो जाए न रहे दूरियां एक दूजे में कुछ ऐसा वो पल हो लग जाउँ गले से तेरे मैं तू मेरे सीने से लग जाए ये ख्वाब भी कितने…

  • युवा हैं हम | Yuva Hai Hum

    युवा हैं हम ( Yuva Hai Hum ) हम युवा हिन्दी से हिन्दुस्तान का गौरव बढायेंगे,तन मन धन से निजभाषा उन्नति का नारा लगायेंगे | अभिनंदन संस्कृति का, अभिलाषा जन-गण-मन गाते रहें,हिन्दी से हिन्दुस्तान का हर कोना-कोना सजायेंगे | हिन्दुस्तान के हम युवा, हिन्दी के केन्द्र बिन्दु हैं,अपनी ताकत से, हिन्दी का परचम,पूरे विश्व में…

  • खंडहर | Hindi kavita Khandhar

    खंडहर ( Khandhar )     खड़ा खंडहर कह रहा महलों की वो रवानिया शौर्य पराक्रम ओज भरी कीर्तिमान कहानियां   कालचक्र के चक्रव्यूह में वर्तमान जब जाता है बस यादें रह जाती है अतीत बन रह जाता है   उसे ऊंचे महल अटारी खड़ी इमारते भारी भारी समय के थपेड़े खाकर ढह जाती बुनियादें…

  • मैं संघर्षों की डगर पे रहता हूं | Sangharsh ki Dagar

    मैं संघर्षों की डगर पे रहता हूं ( Main sangharsh ki dagar pe rahta hoon )   मैं संघर्षों की डगर पे रहता हूं। जाने कितने तूफान सहता हूं। हौसला ही रहा हथियार मेरा। बन भावों की धार बहता हूं। बाधाएं सुखसागर हो जाती। मुश्किलें वापस चली जाती। विश्वास है शिव भोलेनाथ पे। आस्था अधर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *