भारत रत्न सर्वपल्ली राधाकृष्णन ( Bharat Ratna Sarvepalli Radhakrishnan ) नमन है शिक्षक दिवस पर विशिष्ट नाम को भारतीय संस्कृति के जो बने ” संवाहक ” विश्व शांति और सहचार्य दर्शन करने वाले * शिक्षक * मानव कल्याण जनहित के लिए , कार्य किया सदा ही ऐसे भारत माता के लाल को।। हर शिक्षक…
अध्यापिका ( Adhyapika ) अध्यापिका हो मेरी आप ही सबसे खास, आपने ही कराया मुझे जीवन का अभ्यास, आपने ही दिखाया मुझे मंजिल का रास्ता, आप ही हो मेरे लिए सबसे बड़ी फरिश्ता | आप ही मेरी राह हो, आप ही मेरी चाह हो आप ही मेरी भक्ती,आप ही मेरी शक्ती हो आप से…
मै भी उड़ना चाहती हूं ( Mai bhi udna chahti hoon ) सपनों में जीना चाहती, जिंदगी से लडना चाहती हूं मै जीवन को तलाशना चाहती हूं हीरे की तरह चमकना चाहती , संस्कारों के परदे को हटाना चाहती, मै दुनिया की बेडियों से आजाद होना चाहती हूं, कमबख्त जिंदगी को कुछ देना चाहती…
मां को शीश नवाते हैं ( Maa ko shish navate hain ) जिस मिट्टी की मूरति को, गढ़ गढ़ हमी बनाते हैं शाम सुबह भूखे प्यासे, उसको शीश झुकाते हैं सजा धजा कर खुद सुंदर, मां का रूप बताते हैं बिन देखे ही बिन जाने, नौ नौ रूप दिखाते है …
होते सिक्के हैं खास! ( Hote sikkey hain khash ) होते सिक्के हैं खास! ये जो सिक्के हैं इनके कई किस्से हैं ढ़लाई ,पंचिंग , मार्क, स्मारक और कामन होते हैं प्रकार भिन्न भिन्न होते इनके आकार! इतिहास भूगोल से भी इनका नाता प्रबुद्ध जनों / विशिष्टों को यह बहुत ही भाता लगाते हैं…