अपनी खुशियों को पंख लगाते हैं

अपनी खुशियों को पंख लगाते हैं | Kavita

अपनी खुशियों को पंख लगाते हैं

( Apni  khushiyon ko pankh lagaate hain )

 

चलो अपनी खुशियों को जरा पंख लगाते हैं।?️
फिर से दोस्तों की गलियों में छुप जाते हैं।?
फिर वही अल्हड़ पन? अपनाते हैं।
कुछ पल के लिए अपनी जिम्मेदारियों से जी चुराते हैं।?
फिर वही बचपना अपनी आंखों में लाते हैं।??
चलो यारों फिर से बचपना दिखाते हैं।
कुछ स्कूल की यादों को फिर अपनाते हैं।
कभी खट्टी कभी मीठी बातों का सिलसिला चलाते हैं। चलो यारों अपनी
खुशियों को जरा पंख? लगाते हैं।
कुछ ख्वाब बुनकर आसमा को छूकर आते हैं।
वो बालपन नटखट पन फिर अपनी जिंदगी में लाते हैं।
वह शरारत की दुकान फिर सजाते हैं।

चलो अपनी खुशियों को जरा पंख लगाते हैं।

फिर अपनी चुनर को हवा में लहराते हैं।
चलो ना यारों फिर से
बचपन में खो जाते हैं।

?

लेखिका :-गीता पति ( प्रिया) उत्तराखंड

यह भी पढ़ें :-

मीठी वाणी मीठी बोली | Kavita

Similar Posts

  • देश आखिर है क्या बला?

    देश आखिर है क्या बला? कुछ जाहिलों के लिए जमीन का टुकड़ाकुछ गोबर गणेशों के लिए उनके आकाकुछ सिरफिरों के लिए उसमें बसे लोगकुछ घाघ लोगों के लिए बिजनेस का अड्डाजिन्होंने खोद दिया गरीबों के लिए खड्डा आका घाघ लोगों से मिलकर –जाहिल और गोबर गणेशों को रोज घास चराता हैटीवी पर हर वक्त पीपली…

  • जज्बात | Jazbaat poetry

    जज्बात ( Jazbaat )   मचलते दिल में कुछ अरमान मेरे, जग रही ही अब। दबा था दिल जो वो प्यास शायद, जग रही ही अब।   तरन्नुम में कहु तो, हाल ए दिल बेचैन है दिलवर, तुम्ही पे मर मिटू हुंकार ये चाहत, जग रही है अब।   ये रातें नाग बनकर डंस रही…

  • महल अपनी गाते हैं | Kavita

    महल अपनी गाते हैं ( Mahal apni gate hain )   ऊंचे महलों के कंगूरे, आलीशान दमक वाले। रौब जमाते मिल जाते, चकाचौंध चमक वाले।   मेहनतकश लोगों पर भारी, अकड़ दिखाते हैं। मोन रहती मजबूरी तब, महल अपनी गाते हैं।   शानो शौकत ऊंचा रुतबा, ऊंचे महल अटारी। झोपड़ियों को आंख दिखाते, बन ऊंचे…

  • ट्वीटर की धृष्टता

    ट्वीटर की धृष्टता ***** ट्वीटर वालों ने हमारे देश की आजादी, संप्रभुता, उदारता से खिलवाड़ किया है धृष्टता की है,मूर्खता की है इतना ही नहीं तकनीकी खामी बता- आरोपों से बचने की कोशिश की है। हमारी संप्रभुता से खिलवाड़ किया है, जम्मू एवं कश्मीर को- चीन में दिखाने का दुस्साहस किया है; लद्दाख को- जम्मू-कश्मीर…

  • यह दुनिया है जनाब | Yeh Duniya hai Janab

    यह दुनिया है जनाब ( Yeh Duniya Hai Janab )   सब पर उंगली उठाती, सब की हकीकत बताती है खुद- कमियां छुपाकर सबकी कमियां गिनती है !  यह दुनिया है जनाब ‘सफेद कपडे़ होते हुये दाग दिखाती है, ये दुनिया है जनाब काँच सा चमकने के लिये, बिखेर कर  रख देती है  खुद के…

  • Hindi Kavita On Life | Hindi Kavita -मुसाफिर

    मुसाफिर ( Musafir ) … मुसाफिर तंन्हा हूँ मै, साथ चलोगे क्या, तुम  मेेरे। है मंजिल दूर, सफर मुश्किल , क्या साथ चलोगे मेरे। यही है डगर, एक मंजिल है तो फिर, साथ चलो ना, सफर कट जायेगा दोनो का, हमसफर बनोगे मेरे। … करेगे दुख सुख की बातें, बातों से खनक बढेगी। हमारे दिल…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *