पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी ( Shardha Ram Phillauri ) हे! संत साहित्य सरोवर के, मैं तुझ पे अभिमान करूँअर्पण करके क़लम मैं तुझको, हृदय से सम्मान करूँ॥ सहज सरल व्यक्तित्व तुम्हारा, साहित्य अद्भुत रचा न्याराबहायी प्रेम की रस-धारा, शत-शत मैं प्रणाम करूँ॥ विश्व-विख़्यात लिखी आरती, सभी के हृदय को जो ठारतीनत-मस्तक हैं सभी भारती, मैं भी…