आदमी और आदमियत

आदमी और आदमियत

आदमी और आदमियत

आदमी …
खोता जा रहा है
आदमियत
होता जा रहा है
संवेदन शून्य ….
भूल गया है वो
इन्सानित
गिरवी रख दी है
मानवीयता
आ गई है उसमें
हैवानियत
भरी हुई है उसके
दिलोदिमाग में
शैतानियत……!!!!

निर्मल जैन ‘नीर’
ऋषभदेव/राजस्थान

यह भी पढ़ें :-

हे कृष्ण मुरारी | Hey Krishna Murari

Similar Posts

  • जयपुर | Jaipur par kavita

    जयपुर ( Jaipur )   नगर गुलाबी जयपुर प्यारों सुंदर है आलीशान। राजधानी राजस्थान की रही रजपूतों की शान।   रत्न जड़ाऊ मीनाकारी कारीगरी यहां बेजोड़। शिल्पकला मुख से कहती कोई नहीं है तोड़।   महाराजा जय सिंह शान से शहर बसाया न्यारा। अनुपम छटा मन को मोहे सबको लगता प्यारा।   तीज त्यौहार गणगौर…

  • सफ़र-ए-हमरंग | Safar-e-Hamrang

    सफ़र-ए-हमरंग ( Safar-e-Hamrang )   नए साल मे प्लानिंग कर कुछ ऐसा हम कर जाएं, लक्ष्य पाने की दिशा में आगे हम सब बढ़ते जाएं। अपनी कमियों को बाहर कर अच्छाईयां अपनाएं, जुड़ें जोड़ें साहित्य से हम सब संकल्प ये उठाएं।। ईमानदारी से कोशिशकर यह रचना हम रच जाएं, अपने आप से नए वर्ष का…

  • उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द | Munshi Premchand

    उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द ( Upanyas Samrat Munshi Premchand )    महान-साहित्यकारों में आज उनको गिना जाता, क़लम का जादूगर सम्पूर्ण विश्व जिनको कहता। प्रसिद्ध लेखक, उपन्यास सम्राट भी कहा जाता, संवेदनशील रचनाकार कोई कहानीकार कहता।। जिनका वास्तविक बचपन-नाम था धनपत राय, उर्दू में जो कभी-कभी लिखते थें यह नवाबराय। बाद में अपना-नाम हिंदी में…

  • दिवाली फिर आई | Deepawali kavita in Hindi

    दिवाली फिर आई 1 हर दिल अज़ीज, सदियों पुरानी, त्यौहारों की रानी, दिवाली फिर आई। 2 उर्ध्वगामी लौ से, सतत विकास करने, पुरातन को शोधने, दिवाली फिर आई। 3 ज्ञान के आलोक से, अज्ञान-तम मिटाती, हृदय ज्ञान जगाती, दिवाली फिर आई। 4 मति-देव का पूजन, महालक्ष्मी आरती, दरिद्रता दूर भगाती, दिवाली फिर आई। 5 सकल…

  • न रुकी जंग तो | Na Ruki Jang to

    न रुकी जंग तो…! ( Na ruki jang to ) ( नज़्म )   बुराई बढ़ेगी, तो अच्छाई भी बढ़ेगी, ये दुनिया आज है,तो कल भी रहेगी। सदियों से एक साथ रहते हम आए, मोहब्बत की तासीर न फीकी पड़ेगी। अम्न का रास्ता बनाओ दुनियावालों, जड़ से जुड़ी कायनात,जुड़ी ये रहेगी। ऐसे तो मुक्कमल कोई…

  • जीवन साथी

    जीवन साथी “जीवन साथीजीवन का साथी हैसम्मान करो।” “नजरंदाजकभी नहीं करनासाथ ही देना।” “भरोसा करोएक दूसरे परसंदेह नहीं।” “घमंड छोड़ोमधुरता से बोलोसफल होगे।” “क्रोधित नहींतुम्हें कभी होना हैशांत ही रहो।” “व्यस्त रहनाइधर-उधर कीबात न करो।” “पति पत्नी तोदो पहिए होते हैंचलती गाड़ी।” “एक नहीं होफिसलती है गाड़ीगिरती झाडी।” “खुश किस्मतसभी नहीं होते हैंनसीब वाले।” “बद…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *