Aam par Kavita

भारत के आम | Aam par Kavita

भारत के आम

( Bharat ke aam )

 

फलों का राजा होता है आम,
गर्मियों में आता है हर साल।
खाते जिसे बच्चें, बुड्ढे जवान,
सभी जगह मिलता हर हाल।।

इससे जूस बनाके कोई पीते,
कोई इसको ऐसे में चूस लेते।
रस भरें आम सेहत खज़ाना,
अमीर ग़रीब सभी इसे खाते।।

भारत में जिसके अनेंक नाम,
दशहरी लगड़ा सफैदी केसर।
पैरी वनराज सिन्दुरा व चौसा,
आम्रपाली रुमानी हिमसागर।।

सदाबहार मल्लिका सुंदरजा,
इमामपसन्द हापुज रसपुरी।
चेरुकुरसं सुवर्णरेखा मूवन्दन,
चंद्रकरण मालदोई तोतापुरी।।

नीलम माटीमीठा मालगोवा,
जर्दालु गुलाबखास बादामी।
किशनभोग बंगनपल्ली बीजू
बना घरौंदा अमराई के बीच।।

भारत में पैदा होते यह आम,
जिनके है भिन्न भिन्न ये नाम।
फलों में मीठे है सबसे आम,
खाकर आम करते है आराम।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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