आना किसी दिन

आना किसी दिन | Aana kisi din | love poetry in Hindi

आना किसी दिन

( Aana kisi din )

 

किसी दिन आना

और पास आकर

दिल से पूछना…

कि दोस्त…….

क्या रंज है तुम्हें…..?

नाराज़ हो क्या….?

किस बात से ख़फ़ा हो…..?

मुझसे रुसवा क्यूँ हो…….?

अब तुम दूर से पूछोगे तो

सब ख़रीयत ही

बताएँगे न…….

सब सकुशल ही कहेंगे न………

अब दूर से हो तो

क्या हालात बताएँ तुम्हें…….!

कभी पूछना

एकांत में बैठ कर

इत्मीनान से फुरसत में

कि मैं क्यूँ ख़फ़ा हूँ तुझसे!

सच कहूँ मीत……

उस दिन तुम दिल से पूछोगे तो

तुझसे अपनी नाराजगी की

वजह भी बताएँगे………

तेरी खताएँ भी गिनवाएंगे!

आना किसी दिन

हम तुम्हें अपना

हाल-ए-दिल

खोल कर बताएँगे……..

कुछ नहीं छिपाएंगे तुमसे………

आना किसी दिन फुरसत में………….!!

 

?

कवि : सन्दीप चौबारा

( फतेहाबाद)

यह भी पढ़ें :-

क्या जानती हो | Kya janti ho | Kavita

Similar Posts

  • पुरानी पेंशन योजना | Purani Pension Yojana

    पुरानी पेंशन योजना ( Purani pension yojana )   सबसे बड़ा पर्व पैरामिलेट्री उस रोज़‌ ही मनाएगा, पुरानी पेंशन लागू हमारी जब कर दिया जाएगा। बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है आज यह हमारे लिए, सोचो समझो महामानवों अब जवानों के लिए।। हालात हमारे कैसे भी रहें हमने झुकना न सीखा, सर्दी-गर्मी तेज़ धूप में…

  • वोट देना जरा संभाल के | Vote Dena

    वोट देना जरा संभाल के ( Vote dena jara sambhal ke )    नए-नए नेता ले टोली, धवल वेश और मीठी बोली। उमड़ पड़ा हुजुम यहां, बंद तिजोरी नेताजी खोली। वादे मधुर बड़े कमाल के, बदल देंगे ढंग हाल के। नेता फिर भी सशक्त चुने, वोट देना जरा संभाल के। वोट देना जरा संभाल के…

  • बाल दिवस | Poem on Children’s day in Hindi

    बाल दिवस ( Bal diwas )    चाचा नेहरू सबके प्यारे प्रथम प्रधानमंत्री हमारे। बच्चों की आंखों के तारे प्रेम करते बालक सारे।   भावी कर्णधार बालक है देश का सौभाग्य यही। बाल दिवस भारत मनाए चाचाजी ने बात कही।   हर्ष खुशी आनंद मौज से सब हंसते खेलते गाते। घर परिवार स्कूलों में मिलकर…

  • मेरे श्री राम | kavita mere shri Ram

    मेरे श्री राम ( Mere Shri Ram )   त्याग तपस्या मर्यादा के प्रति पालक मेरे श्रीराम जन जन आराध्य हमारे सृष्टि संचालक प्रभु राम   हर लेते है पीर जगत की दीनबंधु दयानिधि राम मंझधार में अटकी नैया पार लगाते मेरे प्रभु राम   दुष्टों का संहार करें प्रभु सकल चराचर के स्वामी घट…

  • एकता का सूत्र | Kavita Ekta ka Sutra

    एकता का सूत्र ( Ekta ka Sutra ) समय की पुकार को समझो और अपने आप को बदलो। हम इंसान है और इंसानो की इंसानियत को भी समझो। अनेकता में एकता को देखों आबाम की बातों को सुनों। शांति की राह को चुनो और शांति स्थापित करो।। देश दुनिया की बातें करते है अपने आप…

  • वह अकेला | Vah akela

    वह अकेला ( Vah akela )   किसी को गम है अकेलेपन का कोइ भीड़ मे भी है अकेला कोई चला था भीड़ ले साथ मे रह गया बुढ़ापे मे भी अकेला रहे सब साथ उसके पर ,रहा न कोई साथ उसके रहकर भी साथ सबके रह गया वह अकेला उम्र घटती रही ,सफर कटता…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *