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sahit1122

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मानो मेरी बात देखो दिल सुधर जा !

मानो मेरी बात देखो दिल सुधर जा !   मानों मेरी बात देखो दिल सुधर जा ! यूं किसी के प्यार में ही मत बिखर जा   ग़ैर जैसे...

चक्षुजल

चक्षुजल बुभुक्षित कम्पित अधर का सार है यह। चक्षुजल है प्रलय है अंगार है यह।। तुंग सिंधु तरंग अमृत छीर है यह, प्रस्तरों को को पिघला दे वो...

अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं

अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं   अपनी दुनिया उजाड़ बैठा मैं सबसे रिश्ते बिगाड़ बैठा मैं   क़ब्र खोदी थी ग़ैर की ख़ातिर लाश अपनी ही गाड़ बैठा मैं   बेखुदी के...

इंसान स्वयं को तू पहचान!

इंसान स्वयं को तू पहचान! ******* ऐ इंसान स्वयं को तू पहचान! जन्म हुआ किस हेतु तुम्हारा ? इस दुनिया जहान में, मानव खुद को तू पहचान रे। पेश करो...

यूं किसी के प्यार में

यूं किसी के प्यार में  तुमानों मेरी बात देखो दिल सुधर जा ! यूं किसी के प्यार में ही मत बिखर जा   ग़ैर जैसे हो गया उसके...

प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा

प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा    प्यार में अंग अंग है नशीला मेरा ऐसा काटा निगाहों से उसने यारों   और कोई नजर आता चेहरा नहीं उसके ऐसा...

ज़िंदगी भर ज़िंदगी की जुस्तजू की

ज़िंदगी भर ज़िंदगी की जुस्तजू की   ज़िंदगी भर ज़िंदगी की जुस्तजू की प्यास से गुज़रे मगर फिर आरज़ू की   मुफ़लिसी में दर बदर फिरते रहे पर आबरू लेकिन...

मधुरिम अहसास

मधुरिम अहसास तुम समझते हो मेरी इस पीर को क्या वह सुखद अहसास बासन्ती सुमन वह कूल कालिंदी कदम तरु का मिलन वह कुछ अनकहे से अनछुये अहसास...

हाँ रहेगी ज़ुबां सदा हिंदी

हाँ  रहेगी ज़ुबां सदा हिंदी  हाँ  रहेगी ज़ुबां सदा हिंदी i की न होगी कभी जुदा हिंदी   राग जैसे बजा हो कानो में प्यार से बोलता रहा हिंदी   इसके...

फिर भी मेरा मन प्यासा

फिर भी मेरा मन प्यासा   मृगतृष्णा वासना न छूटी छूटी निज जिज्ञासा‌। कितने सरोवर मन में बसते फिर भी मेरा मन प्यासा।‌।   जीवन को ज्वाला में तपते...