Author: Admin

  • बीवी और मच्छर | Biwi aur Machar

    बीवी और मच्छर ( Biwi aur machar )    बीवी के गाल पर मच्छर बैठा था, मैं बड़ी ही उधेड़बुन में पड़ा था। समझ नहीं आ रहा था क्या करूँ, मच्छर को जाने दूं या उसे मारूं। तभी बीवी ने मुझे इशारे से बुलाया, मच्छर मारने का फरमान सुनाया। ऐसा सुनहरा मौका कैसे छोड़ सकता…

  • फलों के चमत्कार | Phalon ke Chamatkar

    फलों के चमत्कार! ( Phalon ke chamatkar )   आंवला ** रस आंवला का , खाएं चूस चूस। बढ़ाए एम्युनिटी, भरे ऊर्जा ठूंस ठूंस।। अनार *** चबाकर खाएं दाना भरपूर अनार का। नाम लेवा ना रहेगा आदम बीमार का।। पपीता *** पेट का रोगी खाएं पपीता कांच ही। समूल नष्ट करेगा व्याधि, शीघ्र सांच ही।।…

  • हरिशंकर परसाई | Harishankar Parsai

    हरिशंकर परसाई ( Harishankar Parsai )    बाईस अगस्त चौबीस में लिया जन्म जिला होशंगाबाद, दस अगस्त पिचानवे पाई वफात रहे जीवन भर आबाद। हंसते हैं रोते हैं, जैसे उनके दिन फिरे हैं संग्रह कहानी, जवाला और जल, रानी नागफनी नावल है उनकी जुबानी। प्रेमचंद के फटे जूते,आवारा भीड़ के खतरे ये भी संग्रह निबंध…

  • मैं दिल दूंगी दिलदार को | Dil ke Geet

    मैं दिल दूंगी दिलदार को ( Main dil doongi dildar ko )    दिलबर के इजहार को, पहले पहले प्यार को। संभाले रखा दिल को, मैं दिल दूंगी दिलदार को। पहले पहले प्यार को सजीला सा सरदार वो, मधुरम सुहाना गुलजार वो। सुंदर सपनों की दुनिया, प्रीत की बहती रसधार वो। प्रियतम पावन प्यार को,…

  • दरार | Daraar

    दरार ( Daraar )    एक दो दरार के आ जाने से ही दीवार ढह तो नही जाती जर्जर हुए मकान भी संभल जाते हैं सालों साल…. हो जाय यदि गलती का एहसास या भावना हो लगाव की तो समझौते भी रखते हैं मायने टूटी लाठी, आधी ही कहलाती है…. बीमारी का मतलब मौत ही…

  • इश्क़ करके गुनाह करते हैं | Hindi Ishq Shayari

    इश्क़ करके गुनाह करते हैं ( Ishq karke gunah karte hain )    जिस्म की जो भी चाह करते हैं इश्क़ करके गुनाह करते हैं राब्ते हर किसी के बस में कहां करने वाले निबाह करते हैं एक लड़की के प्यार में लड़के ज़िंदगी क्यों तबाह करते हैं दर्द समझा है कौन ग़ज़लों में करने…

  • विद्यार्थी | Vidyarthi

    विद्यार्थी ( Vidyarthi )    तैयारियां करते रहो इम्तिहानों की दौड़ भी तो लंबी है जिंदगी की और है वक्त बहुत कम जिम्मेदारियों का साथ ही बोझ भी तो है… बिके हुए हैं पर्यवेक्षक भी तिसपर , चिट भी है और की जेब मे आपके हालात का मोल नही यहां प्रतिस्पर्धा के इस जंग मे…

  • हे मात भवानी जगदंबे | Maa Bhavani Jagdambe

    हे मात भवानी जगदंबे ( Hey Maa Bhavani Jagdambe )   हे मात भवानी जगदंबे, मां अष्टभुजाओं वाली। सजा है दरबार निराला, सुन लो मां शेरावाली। सुन लो पुकार मां शेरावाली सिंह सवार जय मां दुर्गे, शक्ति स्वरूपा जगजननी। मात भवानी कल्याणी, आदि शक्ति दानव दलनी। सिद्धि प्रदायिनी मां अंबे, दुखड़े दूर करने वाली। जय…

  • दशहरा | Dussehra

    दशहरा! ( Dussehra )    दशहरा सदा यूँ मनाते रहेंगे, कागज का रावण जलाते रहेंगे। फूहड़ विचारों को कहाँ छोड़ पाए, रस्मों-रिवाज हम दिखाते रहेंगे। चेहरा मेरा एक दिखता जगत को, बाकी वो चेहरा छुपाते रहेंगे। भ्रष्ट रहनुमाओं से क्या मुक्ति मिलेगी, नहीं तो बजट वो चबाते रहेंगे। करते हैं पाप, तन धोते हैं गंगा,…

  • ओघड़दानी भोलेबाबा | Oghadani Bholebaba

    ओघड़दानी भोलेबाबा ( Oghadani Bholebaba )   नीलकंठ महादेव सदाशिव कालो के महाकाल। भस्म रमाए डमरू वाले शीश सोहे चंद्र भाल। रूद्र रूप धरे प्रलयंकारी शशिशेखर नटराज। जटा से बहती गंगधारा गले वासुकी नागराज। बाघाम्बर धारी शंभू त्रिनेत्र शिव भोले अविनाशी। शिवशंकर महादेव हमारे ध्यान मग्न बैठे कैलाशी। मेरे शिव भोले भंडारी सबका करते कल्याण।…