Author: Admin

  • अब की बरसात | Ab ki Barsaat

    अब की …. बरसात ( Ab ki …. Barsaat )   सुना शहर तेरे में जम के कुछ  यूं बरसात हुई मेरे आने से तेरे दिल की ज़मीं क्यों सहरा ना हुई   जलन कुछ इस तरह की ले आया  था सीने में मैं पत्थर मोम से पिघले मगर क्यों चश्म ए नम ना हुई…

  • कामयाबी के सफ़र में | Kamyabi ke Safar me

    कामयाबी के सफ़र में ( Kamyabi ke safar me )    कामयाबी के सफ़र में धूप बड़ी काम आई, छाँव मिल गई होती तो कब के सो गए होते! अपनों से ठुकराना भी यथार्थ साबित हुआ, नहीं तो अपनी कला से हम वंचित रह जाते! चले जाएंगे हमें यूं तन्हा छोड़ कर एक दिन, पता…

  • शिव आरती | Shiva Aarti

    शिव आरती ( Shiva Aarti )    ओम जय डमरूधारी, तेरी महिमा अतिभारी। मात -पिता तू मेरे, मात-पिता तू मेरे, आया तेरे द्वारी। ॐ जय डमरूधारी… (2) श्वेताम्बर, पीताम्बर सोहे अंग तेरे, शिव सोहे अंग तेरे। भांग, धतूर ही लाया, भांग, धतूर ही लाया और न कुछ मेरे। ओम जय डमरूधारी…. ओम जय डमरूधारी, तेरी…

  • खूब रोता मन | Sad Love Poetry in Hindi

    खूब रोता मन ( Khoob rota man )   कभी जब याद तुम आते, दृगों को घेर लेते घन । अकेले में छुपाकर तन, सिसकता खूब रोता मन ।। न कुछ अच्छा लगे जी में, उदासी का रहे पहरा । तुम्हारी पीर अंतर् में, चलाए तीर अब गहरा ।। गए जब छोड़ प्रिय तब से,…

  • जवाबदारी | Javabdari

    जवाबदारी ( Javabdari )    बूंद, बूंद से बन जाती है नदी और सागर से महासागर तक भी हस्ती कोई भी हो ,छोटी नही होती बूंद मे समाया रहता है महासागर भी… एक ध्रुव तारा ही बदल देता है पंचांग को एक इंद्र धनुष ही करा देता है पहचान रंगों का एक ,कभी भी एक…

  • मेरे पास तुम हो | Ghazal on Ishq

    मेरे पास तुम हो ( Mere paas tum ho )   सुब्ह हो या शाम,मेरे पास तुम हो दिल को है आराम,मेरे पास तुम हो देखता रहता हूँ मैं सूरत तुम्हारी और क्या है काम,मेरे पास तुम हो हमसफ़र तुम हो तो अब इस ज़िंदगी का कुछ भी हो अंज़ाम,मेरे पास तुम हो एक दूजे…

  • के बी राइटर्स साहित्यिक मंच | KB Writers

    के बी राइटर्स साहित्यिक मंच ( K B Writers saahityik manch )    वार्षिकोत्सव की पावन बेला पर देते आपको बधाई, साहित्यिक गतिविधियों में अद्वितीय सेवाऍं निभाई। छोटे-बड़े और नऐ कलमकारों का इसने दिल जीता, केबी राइटर्स साहित्य मंच की इस-दिन नींव लगाई।। सफ़र संघर्ष का शुरु किया था आपने ०३ वर्ष पहले, धीरे-धीरे कलमकार…

  • बदली का स्वैग | Badli ka Swag

    बदली का स्वैग ( Badli ka swag )    हवा के परों पर उड़ती हुई सी आई एक बदली- छोड़ सारे राग-रोग जम -ठहर गई रमा के जोग। आंँखों में है आकाश कर में बूँदों का पाश छलकेगी- बरसेगी देगी आज जीवन औ धरा को सांँस- इस उन्मत्त बदली को शायद है पता- उसके यूँ…

  • वाह रे वाह टमाटर | Wah re Wah Tamatar

    वाह रे वाह टमाटर ( Wah re wah tamatar )   वाह रे टमाटर क्या इज्जत पाई है। भाव भी ऊंचे शान तेरी सवाई है। टमाटर से गाल जिनके मिल जाए। खजाना भर माल चल पास आए। भाव उनके भी बढ़ जाते दुनिया में। लाल लाल टमाटर सा मुंह बनाएं। अब आलू नहीं टमाटर हो…

  • लड्डू गोपाल | Laddu Gopal

    लड्डू गोपाल ( Laddu Gopal )    ऐसी लागी नजर तुझे ओ लड्डू गोपाल सांवरे हो गए तेरे गोरे गाल लाल लाल यह काली घटाओं लट, घुंघराले तेरे बाल काली कमली वाले ने जैसे किया कमाल! तेरी तिरछी नजरिया लगे फिर भी प्यारी , तेरी टेढ़ी कमरिया पर सजे मुरली न्यारी ।। ऐसी लागी नजर…