Author: Admin

  • गैरों की संगत | Gairon ki Sangat

    गैरों की संगत ( Gairon ki sangat )    ऐ दोस्त, संभल कर चल परख कर चल समझ कर चल क्योंकि गैरों की संगत अपनों को दुश्मन बना देती है।   ऐ दोस्त! समझना बड़ा मुश्किल है किसी के रुप को, पढ़ना बड़ा मुश्किल है बनावटी चेहरों को क्योंकि गुमराह सभी को अंधा बना देती…

  • डॉक्टर | Doctor

    डॉक्टर ( Doctor )   जो दिल की धड़कन सुनते दिल की दस्तक भी। जो रग-रग को पहचानते पढ़ लेते मस्तक भी। जो हर दर्द और पीड़ा का इलाज करते हैं। पर कुछ कुछ घाव शायद देर से भरते हैं। जिनके पास देने को गोली कैप्सूल इंजेक्शन है। जिनके लफ्जों में ही अटका रहता इन्फेक्शन…

  • ऐसी होती है महिला | Mahila

    ऐसी होती है महिला ( Aisi hoti hai mahila )   दुःख को आधा कर देती और आनन्द को दोगुना, ऐसी होती है महिला मां बेटी पत्नी एवम बहिना। सबके घर वंदनवार सजाते जब आये यह अंगना, बिगड़े काम संवार देती ये बात है सबका कहना।। साहस संयम और करूणा जिसमें है यह भरमार, तकदीर…

  • तथागत बुद्ध | Buddha

    तथागत बुद्ध  ( Tathagat buddha )   तुम्ही तथागत, बुद्ध तुम्हीं हो तर्कशील प्रबुद्ध तुम्हीं हो।   करुणा  दया  का भाव जगाया तुम्हीं   तर्क   विज्ञान  सिखाया   आत्मज्ञान की ज्योति जलाकर अंधकार    को    दूर   भगाया   ज्योति    पुंज   कहलाने   वाले पुरुष आलोकित सिद्ध तुम्हीं हो।   मानवता   का  सीख  सिखाया पंचशील    का   पाठ   पढ़ाया  …

  • बेवफ़ाई किसी ने | Bewafai Ghazal

    बेवफ़ाई किसी ने ( Bewafai kisi ne )   बिगाड़ी किसी ने बनाई किसी ने कभी दिल्लगी कब निभाई किसी ने। फिज़ा में उदासी घुली आज़ क्यूं है कहीं की है फ़िर बेवफ़ाई किसी ने। अगर तल्ख़ियां हों रखो फ़ासले तुम मुझे बात ये थी सिखाई किसी ने। मुझे भूल कर ख़ुश नहीं संगदिल वो…

  • वक्त से लड़कर विजय बना हूं | Vijay Kumar Sharma

    वक्त से लड़कर विजय बना हूं ( Waqt se ladkar vijay bana hoon )   फिर से उस इतिहास को आज मैं दोहराता‌ हूं, एक कविता फिर से नयी आज मैं लिखता हूं। इस ८४ लाखवी योनि का सफ़र मैं काटता हूं, आशीष व शुभकामनाएं आपसे मैं चाहता हूं।। पत्रकारिता के क्षेत्र में ३६ सालों…

  • बदलाव की लहर | Badlav ki Lahar

    बदलाव की लहर ( Badlav ki lahar )   नया जमाना नई सभ्यता नई भोर नई लाली है। बदलावों की लहर है, यहां हर बात निराली है। यहां हर बात निराली है बदल गया सब रंग ढंग, फैशन बदला सारा। बदल गई है रीत पुरानी, बदली जीवनधारा। अपनों में बेगाने होकर, चाल चले मतवाली। टूट…

  • मौसम है प्यार का | Mausam hai Pyar ka

    मौसम है प्यार का ( Mausam hai pyar ka )   रूत की बहार का सावन की फुहार का। आजा सनम आ जा मौसम है प्यार का। मौसम है प्यार का प्रीत की फुहार का बस तेरे इजहार का। पायल की झंकार का मेरे दिलदार का। महकती वादियों में हसीं गुल गुलजार। खिल गया दिल…

  • हम चले साथ में | Hum Chale Saath mein

    हम चले साथ में ( Hum chale saath mein )   दिन दोपहरी और शाम में, चाहें काली अंधेरी इस रात में। सर्दी, गर्मी और बरसात में, आओ हम चलें एक साथ में।। सुख-दुःख सबके ही साथ है, कभी धूप और कभी छाँव है। हाथों में अपनें यही हाथ है, सात जन्मो का अपना साथ…

  • देश के नेता बोल रहे | Desh ke Neta

    देश के नेता बोल रहे ( Desh ke neta bol rahe )   कुर्सी की चाहत में देखो देश के नेता सब डोल रहे करते फिरते हैं मनमानी हाय हाय कमल दल बोल रहे, कहीं बिगड़ रही है इनकी बात कहीं संभल रही हैं” मन की बात” करना धरना कुछ भी नहीं हो चाहे पोल…