बैठे है सब किसान दिल्ली में

बैठे है सब किसान दिल्ली में

बैठे है सब किसान दिल्ली में

 

 

बैठे है सब किसान दिल्ली में!

चल रहे है बयान दिल्ली में

 

अपने हक़ के लिये किसानों ने

  हाँ लगा दी है जान दिल्ली में

 

कोई भी  जब बातें  नहीं मानी

क्या  किसानों का मान दिल्ली में

 

सच की आवाज़  से किसानों ने

दी है अपनी पहचान दिल्ली में

 

आ रहे हक़ किसान लेने को

लोगों का ही उफान दिल्ली में

 

फ़ैसला क्या किसान का होगा

देश के सब महान दिल्ली में

 

लड़ते हक़ की लड़ाई आज़म

मर रहे है  किसान दिल्ली में

 

 

✏शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें : 

ग़म भरी अपनी यहां तो जिंदगी है

Similar Posts

  • पूरे हक़ के साथ | Ghazal poore haq ke saath

    पूरे हक़ के साथ  ( Poore haq ke saath )   पूरे हक़ के साथ ये ग़म किया गया है तेरे बाद से नशे को कम किया गया है   ज़हन से हुस्न का दस्तरस किया गया है फिर तेरे होने का वेहम किया गया है   जो तेरे होते हुए करना मुमकिन ना था…

  • क्यूं चाहते हो इतना

    क्यूं चाहते हो इतना     मुझे खूबसूरत पहेली बताता है जो आंखों से नींदे मेरी चुराता है वो   ख्वाबो से हटाकर धूल की परतें रुह को मेरी महकाता है वो   दिन हमेशा खिल जाता है गुलाब सा कांटे सभी दामन से छुडाता है वो   तन्हाईयों की जो लिपटी हुई थी चादरे…

  • परीक्षा मंत्र

    परीक्षा मंत्र   सुनो, तुम्हे सुनाने आया हूं। जागो, तुम्हें जगाने आया हूं। देखो, तुम्हें दिखाने आया हूं। बोलो तुम्हे बुलाने आया हूं।। पढ़ी पुस्तके पलटो, उत्तर मिल जायेगा, वर्ष भर लिखी नोट्स को देखो, उत्तर मिल जायेंगे। बस मेरी इक बात मानो ध्यान से पढ़ो ध्यान से सुनो, तुम्हे अपने जीवन के एक-एक मार्ग…

  • प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए | Ghazal

    प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! ( Pyar ka e khuda ab gulab chahie )     प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! इक हंसी जिंदगी में  ज़नाब  चाहिए   नफ़रतों के पन्ने पड़ लिये ख़ूब है प्यार की उम्रभर अब क़िताब चाहिए   जो ख़ुशी से भर दें दामन मेरा सदा  ऐसा…

  • देश | Desh

    देश ( Desh )    देश का होठों पर रोज़ ही गीत हो हर क़दम पर भारत की सदा जीत हो प्यार से मिलकर हिंदू मुसलमा रहें देश में एक ये ही सदा रीत हो इस क़दर प्यार की बारिश हो रोज़ ही दिन न अच्छे कभी देश से बीत हो नफ़रतों का न हो…

  • ए दिल सुन जरा

    ए दिल सुन जरा   1 उसकी यादों में दिन कटता उसके ख़्वाबों में रातें कटती ए दिल सुन जरा तू भूल जा उसको ज़रा 2 जो तेरा नहीं हुआ है उसको क्या याद करना भला ए दिल सुन ज़रा तू भूल जा उसको ज़रा 3 किया था वादा उसनें साथ निभाने का कभी और…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *