बेहाल हर घड़ी | Behal har Ghadi

बेहाल हर घड़ी

( Behal har ghadi )

 

बेहाल हर घड़ी बड़ी बेचैन जान है
ये इश्क जानिए कि कड़ा इम्तिहान है।

हैं मस अले तमाम ख़फा तिस पे वो हुए
सर पर उठा के रखा हुआ आसमान है।

सब मानते वो शख़्स नहीं ठीक है मगर
हर दिल अज़ीज़ यूं है के मीठी ज़ुबान है।

दिल जब हुआ फ़िदा किसी पे कब पता किया
क्या शान बान और कैसा ख़ानदान है।

हो लाख दूरियां हों ख़लिश फासले भी हों
कुछ तो अभी बचा हमारे दरमियान है।

इस कारोबारे इश्क़ में हासिल भी क्या हुआ
कुछ आह अश्क़ दिल पे ज़ख़्म का निशान है।

हो जायेगा ये फ़ैसला बस थोड़ी देर में
अब आख़िरी गवाह दे चुका बयान है।

 

सीमा पाण्डेय ‘नयन’
देवरिया  ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

ज़मीरों की तिज़ारत | Zamiron ki Tijarat

Similar Posts

  • रंग ए हयात बाक़ी है | Rang e Hayat Baki Hai

    रंग ए हयात बाक़ी है ( Rang e Hayat Baki Hai ) अब भी रंग-ए-हयात बाक़ी हैहुस्न की इल्तिफ़ात बाक़ी है आ गये वो ग़रीबख़ाने तकउनमें पहले सी बात बाक़ी है चंद लम्हे अभी ठहर जाओऔर थोड़ी सी रात बाक़ी है तोड़ सकता नहीं वो दिल मेराउसमें इतनी सिफ़ात बाक़ी है हाँ यक़ी है मिलेंगे…

  • गुलज़ार हो तुम | Gulzar ho tum

    गुलज़ार हो तुम ( Gulzar ho tum )   हजारों ख्वाहिशें दबी दिल में, कहीं ये दम यूं ही न निकल जाए, इंतज़ार ए उम्मीद में कहीं, आरजूओं का मौसम न बदल जाए।   रगों में खौलता ये लहू कहीं, बेसबर आंखों से न बह जाए , संभाल आंगन ये तेरे सपनों का, कहीं सपनों…

  • तलवार दी गई | Talwar di Gayi

    तलवार दी गई ( Talwar di Gayi ) ख़ुद पर ही वार करने को तलवार दी गईथाली में यूँ सजा के हमें हार दी गई गर्दन हमारी यूँ तो सर-ए-दार दी गईफिर भोंकने को जिस्म में तलवार दी गई कहने को हम खड़े थे अज़ीज़ों के दर्मियांमंज़िल हमीं को और भी दुश्वार दी गई हमने…

  • हे राजन | Ghazal Hey Rajan

    हे राजन ( Hey Rajan ) हे, राजन तेरे राज में,रोजगार नही है, मुफ़लिसों को वाजिब, पगार नही है। ==================== है खास जिनके धन के अंबार लगे है, देखो गरीब तुम्हारे, गुनाहगार नही है। ==================== ये कोई दुश्मन नही है तेरे तरस करो, भूखे है शोहरत के,तलबगार नही है। ==================== भर पेट खाना,बदन को छत…

  • ग़ज़ल सम्राट विनय साग़र जी

    विनय साग़र जी वही उस्ताद हैं मेरे ग़ज़ल लेखक विनय साग़रजिन्हें है जानती दुनिया ग़ज़ल सम्राट साग़र जी हमारी भी ग़ज़ल की तो करें इस्लाह साग़र जीउसी पथ पर सदा चलता करें जो चाह साग़र जी बड़ा अनभिज्ञ हूँ मैं है नहीं कुछ ज्ञान भी मुझकोमगर हर पथ की बतलाते मुझे हैं थाह साग़र जी…

  • सब कुछ ठीक है | Sab Kuch Theek hai

    सब कुछ ठीक है ( Sab kuch theek hai )    वो रूठा सौ दफा सौ बार की हैं मिन्नतें उसकीं मगर ये दिल भरा इस बार सब कुछ ठीक है लेकिन। लगी जो चोट दिल पर जख़्म जो उसने दिया मुझको रहा अब तक हरा इस बार सब-कुछ ठीक है लेकिन। किया दिल को…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *