Beta kab aayega tu

बेटा कब आएगा तू | Beta Kab Aayega

बेटा कब आएगा तू

( Beta kab aayega too ) 

 

घर की चौखट तुझे पुकारे, पूछ रही तुमको दीवारें।
आंगन सारा चिल्लाता है, कहां गए हैं नैनो के तारे।
लौट आओ लाठी के सहारे

मुरझाई आंखें ढूंढ रही, निज कलेजे के टुकड़े प्यारे।
हाथों से पाला जिनको, सब कुछ जिनपे हमने वारे।
बेटा कब आएगा तू घर, रह रह कर के हिया पुकारे।
आंचल की छांव बिखरी, टूट गये वो अरमान हमारे।
लौट आओ लाठी के सहारे

बुड्ढा बरगद देख रहा है, अटखेली वो गलियारे।
पिता के कंधों पे पाते, मुस्कानों के मोती सारे।
चल नहीं पाता अब वो, हाथ पैर सब कुछ हारे।
बुढ़ापे की दहलीज पे, अपनों को दिल पुकारे।
लौट आओ लाठी के सहारे

जमीं बेची गहने बेचे, हर दिन साल महीने बेचे।
उजियारा जीवन में करने, गिरवी जेवर सीने बेचे।
अंगुली पकड़ने वाले हाथ, थक चुके हैं अब सारे।
कुलदीपक रोशन करो, सुत मात-पिता के प्यारे।
लौट आओ लाठी के सहारे

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

अरमां ने मचलना छोड़ दिया | Armaan ne Machalna

Similar Posts

  • दीप प्यार का जलाने चला हूं | Geet deep pyar ka

    दीप प्यार का जलाने चला हूं ( Deep pyar ka jalane chala hoon )      मुस्कानों के मोती लुटाते दीप प्यार का जलाने चला हूं। खुशियों से भरे दामन मेरा रिश्तो को निभाने चला हूं। दीप प्यार का जलाने चला हूं   गीतों की रसधार लिए गीत कोई गुनगुनाने चला हूं। शब्द सुधारस प्यार…

  • खाली हाथ रह जाता हूं | Geet Khali Haath

    खाली हाथ रह जाता हूं ( Khaali haath rah jata hoon)   खूब बांटता प्यार भरे मोती, पल पल मैं मुस्काता हूं। रिश्तो की डगर चलते-चलते, खाली हाथ रह जाता हूं। खाली हाथ रह जाता हूं अपनापन अनमोल लुटाता, मोती चुन चुन भाव भरे। रिश्तो में मधुरता घोले, मीठे शब्द बोलता खरे खरे। दर्द समझ…

  • भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ

    भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ भेद भाव के पथ को त्यागेंचलो चलें हम कुंभ नहाएँ ।संत जनों का पुण्य समागम,भगवत दर्शन तुम्हें कराएँ ।। गंगा यमुना सरस्वती सेसारे जग की प्रीति पुरानी ।रात लगे रानी दिन राजाशुभ संगम की अमर कहानी।। सत्य सनातन भारत की जयसंस्कृति अपनी तुम्हें दिखाएँ ।चलो चले हम कुंभ नहाएँ ।। साधु…

  • गुरु चरणों में | Geet Guru Charano Mein

    गुरु चरणों में ( Guru Charano Mein ) गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों में अपने, हमको बैठा लो। सेवा में अपनी, हमको लगा लो, गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे। मुझको अपने भक्तो की, दो सेवादारी। आयेंगे सत संघ सुनने , जो भी नर नारी। मैं उनका सत्कार करूँगा, वंदन बारम्बार करूँगा।। गुरुदेव मेरे, गुरुदेव मेरे, चरणों…

  • चेहरा तुम्हारा | Chehra Tumhara

    चेहरा तुम्हारा ( Chehra Tumhara ) बहुत ख़ूबसूरत है चेहरा तुम्हारा।निगाहों की जन्नत है चेहरा तुम्हारा। ये गुस्ताख़ नज़रें,यह क़ातिल तबस्सुम।फिर उस पर तुम्हारा यह तर्ज़-ए-तकल्लुम।यक़ीं तुमको आए न आए यह सच है।सरापा क़यामत है चेहरा तुम्हारा।निगाहों की जन्नत है चेहरा तुम्हारा। नहीं कोई गुल ऐसा दुनिया में दिलबर।नज़र तुम ही आते हो हर शय…

  • बरस रहा है

    बरस रहा है बरस रहा है पिचकारी से, लाल गुलाबी रंग।रंग बिरंगी बौछारों से ,पुलक उठा हर अंग।। होली होली हुरयारों का ,गूँज रहा है शोरगली-गली में नाच रहा है, मादक मन का मोरनयी उमंगे लेकर आया यह फागुन का भोरथिरक उठीं ढोलक की थापें,बाज रही है चंग।चौबारे में मचा हुआ है,होली का हुडदंग।।बरस रहा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *