Bhaichara kavita

प्यार के मीठे बोल | Bhaichara kavita

प्यार के मीठे बोल

( Pyar ke meethe bol )

 

 

जो हो अजीज खास

उनका स्वागत कीजिए

दिल खोल खुशियां बांटो

प्यार का तोहफा दीजिए

 

महक उठे मन का कोना

सबको खुशियां दीजिए

प्यार की खुशबू महकेगी

हर पल महसूस कीजिए

 

चार दिन की जिंदगी

पल पल को जी लीजिए

हंसी खुशी भरा जीवन

आनंद से जी लीजिए

 

उमंगों की उठती लहरों को

मधुर स्वर दीजिए

होठों पर मुस्कान आए

थोड़ा गम पीजिए

 

रिश्तो में मधुरता का

रस घोल दीजिए

हंसिये और हंसाईये

मीठा बोल दीजिए

 

दिल में जगह बनाकर

सबका दिल जीतिये

प्यार के दो बोल मीठे

सबसे कह दीजिए

 

प्यार भरे मीठे गीत

प्रेम से सुनाईए

जो है लाचार निर्धन

उनको गले लगाइए

 

अपना समझकर

थोड़ा स्नेह कीजिए

आपकी ज़रूरत उनको

बढ़कर साथ दीजिए

    ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

सत्कार | Satkar kavita

Similar Posts

  • कविता परिवर्तन | Kavita Privartan

    कविता परिवर्तन ( Kavita Parivartan )   सोचने को मजबूर एक सोच सुबह के आठ बजे आते हुए देखा एक बेटी को शौच करते हुए नजरें मैंने घुमा ली शर्म उसे ना आए मुझे देख कहीं लज्जित ना हो जाए बना है घर पर शौचालय नहीं शादी के लिए सोना तो जोड़ा पर सुरक्षा के…

  • मेरा और उसका गुमान

    मेरा और उसका गुमान   वो अपने को सरेख समझ,            मुझे पागल समझती रही, अब देख मेरी समझ,            उसके तजुर्बे बदल गए, अब मुझे ज्ञानी समझ ,         अपने को अज्ञानी समझ रही।   कुछ शब्द बोल माइक पर,        अपने को वक्ता समझती रही, अब  मंचों पर देख शब्दों का सिलसिला मेरा,…

  • कवि सत्य बोलेगा | Kavita

    कवि सत्य बोलेगा ( Kavi satya bolega )   देश की शान पर लिखता देश की आन पर लिखता देशभक्ति  दीप  जला  राष्ट्र  उत्थान पर लिखता आंधी  हो  चाहे तूफान लेखक कभी ना डोलेगा सिंहासन जब जब डगमगाए कवि सत्य बोलेगा   झलकता प्यार शब्दों में बहती काव्य अविरल धारा लेखनी  रोशन करे कमाल जग…

  • प्रथम-गुरू | Pratham guru kavita

    “प्रथम-गुरू” ( Pratham guru )   गुरु है ब्रम्हा-गुरु है विष्णु, गुरु हैं मेरे महेश्वरा प्रथम गुरु मेरे मात-पिता, दिया जनम दिया आसरा उनके जैसा धरती में क्या, नहीं अम्बर में भी दूसरा पाल-पोस कर बड़ा किया, नहीं होने दी कमी कोई प्यार नहीं कोई उनके जैसा, न ही मिलावट है कोई गुरु है ब्रम्हा,गुरु…

  • गला कटे तत्काल | Gala Kate Tatkal

    गला कटे तत्काल ( Gala Kate Tatkal ) कत्ल करे दुश्मन बने, बदल गई वो चाल। करके देखो नेकियाँ, गला कटे तत्काल।। जो ढूंढे हैं फायदा, उनका क्या परिवार। संबंधों की साधना, लुटती है हर बार।। नकली है रिश्ते सभी, नहीं किसी में धीर। झूठी है सद्भावना, समझेंगे क्या पीर।। सब कुछ पाकर भी रहा,…

  • डर | Darr

    डर ( Darr )    आखिर किस भुलावे में है आप सच बताएं क्या चाहते हैं आप चाहते हैं आजादी पर आजाद रहने से डरते हैं चाहते हैं स्वर्ग पर स्वर्गीय होने से डरते हैं सच बताएं ,क्या चाहते हैं आप चाहते हैं अपना बनाना पर अपना बनाने से डरते हैं समझाना तो चाहते हैं,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *