भ्रष्टाचार और दुराचार

भ्रष्टाचार और दुराचार | Poem on corruption in Hindi

भ्रष्टाचार और दुराचार

( Bhrashtachar aur durachar )

 

कष्ट भरी जिंदगी में

केवल भरा भ्रष्टाचार हैं

भ्रष्टाचारी लोगो के सामने

आज भगवान भी लाचार है

 

किसी के  मन में

अब न स्नेह औरप्यार हैं

और न किसी के ह्दय में

नाहि सतगुण वाला सदाचार है

 

लेकिन दुनिया को कहाँ पता

प्रेम और शांति ही जीवन का आधार है

और जिसने कठिन परिश्रम किया

उनके लिए खुला स्वर्ग का द्वार है

 

धैर्य रखने वालो के सामने

मोह माया भी लाचार है और

सदाचार के रास्ते में

दुश्मन बन खडा दुराचार है

 

 

❣️

लेखक दिनेश कुमावत

 

यह भी पढ़ें :-

लड़की हूँ तो क्या हुआ | Ladki hun to kya hua | Kavita

Similar Posts

  • बर्थडे पर कविता | Poem in Hindi on birthday

    बर्थडे पर कविता ( Birthday par kavita )   प्यारी मैम हमारी हो कॉलेज की उजियारी हो नन्हे-मुन्ने हम फूलों की मैंम आप फुलवारी हो। तुम बच्चों में बच्चे हो अपने मन के सच्चे हो प्यार हमें कर जाओ ना ज्ञान हमें दे जाओ ना आशीषित कर जाओ ना हम पर प्यार लुटाओ ना जन्म…

  • सिंदूरी सूरज | Poem Sindoori Suraj

    सिंदूरी सूरज ( Sindoori suraj )    सिंदूरी सूरज विशाल तेजी से अस्त हुआ धीरे-धीरे सांझ को बुलावा दे चला सरसराती पवन ने बालियों को यू छुआ पंछियों के कलरव ने अंबर से धरती तक चारों दिशाओं को गुंजायमान किया घरौंदो को लौट चलो कि अब अंधेरा हुआ गायों के गले की बजती हुई घंटियां…

  • 266वां भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस

    266वां भिक्षु अभिनिष्क्रमण दिवस भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।मानव जीवन को धर्म कर सफल बनाये ।हमको आज हो मिला हैं फिर न मिलेगा ।बगिया में सुरभित यह फूल महान हैं ।जो खिला – खिला हैं फिर न खिलेगा ।भिक्षु स्वामी का नाम स्मरण कर जीवन सफल बनायें ।हीरों – सा…

  • छलावा

    छलावा उस धरा सेइस धरा तकउस गगन सेइस गगन तकउस जहां सेइस जहां तकउस परिवेश सेइस परिवेश तकउस गांव सेइस शहर तकका सफर…रहा नहीं आसानजिसने बदल दिएसारे अरमान…अपनों के साथजीने का सपनाबन कर…रह जाएगा सपनाजो हो नहीं सकताअब कभी अपनाअब अपनों को…नहीं दे पाते वो सम्मानजो थे कभी जीवन की जान श्याम सुंदर यह भी…

  • हम हैं सशक्त नारी | Hum Hai Sashakt Nari

    हम हैं सशक्त नारी ( Hum Hai Sashakt Nari )    कई बार मैं सोचती हूं कि, अरमान ढेर सारे और विपदाएं भी हमारी, हाय रे नए भारत की हम हैं सशक्त नारी। नई-नई जीवन शैली में कदम रखा, बदले हुए हैं रंग ढंग सारे फिर हमारे सोच विचार की हमने सारी परंपराएं तोड़ डाली,…

  • नया साल मुबारक | Naya Saal Mubarak

    नया साल मुबारक ( Naya saal mubarak )   सबको ये नया साल मुबारक, गुजरा जो गया हाल मुबारक ! जात धरम के थप्पड़ पड़ते, इनसे बचते गाल मुबारक! नेताओं की गोरों वालीं, बँटवारे की चाल मुबारक ! हिन्दू मुस्लिम आपस लड़ लो, बहता लोहित लाल मुबारक !! भूखे प्यासे बालक रोते, उनको अमृत काल…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *