बोलेंगे | Bolenge

बोलेंगे

( Bolenge )

रोज़ हम इंकलाब बोलेंगे ?
रोज़ ही बेहिसाब बोलेंगे

ख़ूबसूरत बड़ी फ़बन इसकी
देश अपना गुलाब बोलेंगे

रोशनी प्यार की ही देता है
देश को आफ़ताब बोलेंगे

ये ही मेरी पहचान है जय हिंद
जोर से ही ज़नाब बोलेंगे

पूछेगा जो गवाह में जय हिंद
ये ही अपना ज़वाब बोलेंगे

है वतन की मेरे फ़बन ऐसी
एक खिलता शबाब बोलेंगे

तू ख़फ़ा हो चाहे आज़म से ही
पी नहीं तू शराब बोलेंगे

 

शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें :-

नज़र नहीं आता | Nazar Nahi Aata

Similar Posts

  • जो यहाँ | Ghazal Jo Yahan

    जो यहाँ ( Jo Yahan ) हमनशीं हमनवा दिलदार हुआ करते थे इश्क़ के वो भी तलबगार हुआ करते थे लूट लेते थे वो पल भर में ही सारी महफ़िल शेर ग़ज़लों के असरदार हुआ करते थे चंद सिक्को में ये अख़बार भी बिक जाते अब जो कभी सच के तरफ़दार हुआ करते थे सबको…

  • दीप जले | Diwali Hindi Shayari

    दीप जले ( Deep Jale )    बरसों की रस्म पुरानी दीप जले है आयी वो रात सुहानी दीप जले है ख़ुशियों की है आज बहारें हर घर में महकी रात कि ही रानी दीप जले है चैधा वर्ष बाद लौटे है राम अयोध्या उत्सव की एक निशानी दीप जले है बचपन के दिन भी…

  • तूफान उठाया है

    तूफान उठाया है इस दिल के समुंदर में तूफान उठाया हैमासूम निगाहों ने जब तीर चलाया है वो दिल के दरीचों से नज़दीक लगा इतनाइक पल में उसे हमने हमराज़ बनाया है ताउम्र रहे रौशन दहलीज़ तेरे घर कीयह दीप मुहब्बत का यूँ हमने जलाया है तुमने जो किया दिल को उम्मीद से वाबस्ताइक ताजमहल…

  • वोटर ज़हीन हो जाये | Voter Zaheen ho Jaye

    वोटर ज़हीन हो जाये ( Voter zaheen ho jaye )    इक मुहब्बत का सीन हो जाये चाय सँग चाऊमीन हो जाये इक झलक महजबीन हो जाये इश्क़ ताज़ातरीन हो जाये दिल का कमरा है खाली मुद्दत से कोई इसमें मकीन हो जाये बैठ जाओ जो रूबरू मेरे यह ग़ज़ल बेहतरीन हो जाये गुफ्तगू प्यार…

  • गुज़र जाते हैं | Guzar Jaate Hain

    गुज़र जाते हैं ( Guzar jaate hain )   पल रहे क़ल्ब में मलाल गुज़र जाते हैं आते जब नव्य,विगत साल गुज़र जातें हैं ॥ रंज शिकवे शिकायतें भी कही दम भर के जश्न के साथ बहरहाल गुज़र जातें हैं ॥ शादमानी थी रही या कि रही ये नुसरत ताज़े वादों के संग हाल गुज़र…

  • दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहीं

    दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहीं दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहींबात ये और की उसने मानी नहीं मत कहो प्रेम की अब कहानी नहींसेतु वो प्रेम की क्या निशानी नहीं इश्क़ में चोट अब मुझको खानी नहींरात करवट में सारी बितानी नहीं जिस तरह बाप से बात करते हैं वेयूँ समझ आँख में आज…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *