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कविताएँ

अपना हिंदुस्तान अलग है | Kavita

अपना हिंदुस्तान अलग है ( Apna hindustan alag hai )   हम सब तो हैं भारतवासी वे रखते पहचान अलग।   अपना हिन्दुस्तान अलग है उनका हिन्दुस्तान अलग।।   वे  उड़ते  एरोप्लेन  से हम...

शब्द | Hindi Poetry

शब्द ( Shabd )   मेरे शब्दों की दुनिया में, आओं कभी। स्वर में कविता मेरी, गुनगुनाओ कभी। बात दिल की सभी को बता दो अभी।   मेरे शब्दों की...

तुम मेरे हो | Geet

तुम मेरे हो ( Tum mere ho )   तुम मेरे हो तुम मेरे हो, सुंदर शाम सवेरे हो। जीवन की बगिया में तुम, खिलते फूल घनेरे...

गुरु शिष्य का भाग्य संवारते | Kavita

गुरु शिष्य का भाग्य संवारते ( Guru shishya ka bhagya sanwarte )   किस्मत का ताला खुल जाता, गुरु शिष्य का भाग्य विधाता। ज्ञान ज्योति जगा घट घट में, अंतर्मन...

साजन | Virah

साजन (Saajan  ) ( सायली छंद - विरह )   साजन सावन आया प्रेम ऋतु छाया पुरवा बयार हर्षाया   मेरा चंचल मन पिया अब आजा तडपत मनवा मचलत   रतिया कटती नाहीं विरह वेदना जाए याद करे पछताए   घबराए नाही आगे नन्द के लाल मदन गोपाल घनश्याम   कवि : ...

फूलों सा मुस्काता चल | Hindi Poetry

फूलों सा मुस्काता चल ( Phoolon sa muskata chal )   फूलों सा मुस्काता चल, राही गीत गाता चल। मंजिल  मिलेगी  खुद, कदम  बढ़ाना  है।   आंधी तूफान आए, बाधाएं...

तुम्हे चाहा अधिक सारे जहां से | Kavita

तुम्हे चाहा अधिक सारे जहां से ( Tumhe chaha adhik sare jahan se )   तुम्हे चाहा अधिक सारे जहां से। मुकद्दर मैं मगर लाऊ कहां से।। ऐ  मेरी ...

Motivational Kavita | बन सको तो बनो

बन सको तो बनो ( Ban sako to bano )   बन सको तो बनो चांद आकाश के, सूर्य के हेतु प्रिय मत बनो तुम ग्रहण।   प्रभु ने निर्मल...

जीत | Motivational Kavita

जीत ( Jeet )   जीत सको तो दिल जीतो जग के प्यारे हो जाओगे प्यार के मोती लुटा जगत में प्रेम रतन धन पाओगे   जीवन संघर्ष महासमर में...

जल बिन | Kavita

जल बिन ( Jal Bin )   इकदिन समंदर भी सूख जाएगा व्यर्थ पानी बहाया जा रहा  घर-घर लगाकर समरसेबुल व्यर्थ पानी बहाया जा रहा    जहां थी जरूरत सभी...