कहानियां

  • सीधी उँगली से घी नहीं निकलता

    देखा जाए तो बेईमान होना आसान काम नहीं है। इसके लिए ईमान बेचना पड़ता है। आज के इस कलयुगी संसार में लोगों की पहचान करनी बहुत मुश्किल हो गई है। कुछ पता नहीं चलता कब, कौन, कहां, आपके साथ विश्वासघात कर दें। गैर तो गैर अपनों तक पर विश्वास करना बड़ा मुश्किल हो गया है।…

  • समझदारी | Laghu Katha Samajhdari

    आज फिर राजीव और सुमन के कमरे से एक दूसरे पर चीखने-चिल्लाने की आवाजें से आ रही थी। सप्ताह में एक बार तो यह होता ही था। दो दिन बाद फिर से वे एक हो जाते थे। मुझे इसकी आदत थी। मैं दोनों मियां-बीबी के बीच में बोलना उचित नहीं समझती थी। आज भी मैंने…

  • भगवान के यहाँ देर है, अंधेर नहीं

    “बड़ा खूबसूरत कांच का गिलास है। क्या यह आपका है?” दीपक सर ने मेज पर रखे कांच के गिलास को देखते हुए, रोमांटिक अंदाज में शालिनी मैडम से कहा। “जी सर, मेरा ही है।” शालिनी मैडम ने जवाब दिया। “मेरा इस पर दिल आ गया है। क्या यह कांच का गिलास मेरा हो सकता है?”…

  • रॉयल्टी | Royalty

    2007 की बात है। सरकारी इंटर कॉलेज में तैनात गणित के शिक्षक विनय सर की शादी में मैं अपने मित्र प्रदीप के साथ… जब उनके घर रिसेप्शन पार्टी में पहुंचा तो मैंनें एक बात नोटिस की… विनय सर को सब चरन कहकर ही पुकार रहे थे। विनय नाम से कोई भी नहीं पुकार रहा था।…

  • चोरी पकड़ी गई

    स्कूल की कैंटीन में कक्षा एक की 6 साल की इलिशा के हाथ में 500 का नोट देखकर कैंटीन मालिक को बड़ा आश्चर्य हुआ। वह बच्ची कैंटीन से कुछ सामान खरीदने आयी थी। कैंटीन मालिक ने बच्ची से पूछा- “बेटा, तुम्हें क्या चाहिए? यह 500 का नोट तुम्हें किसने दिया? क्या पापा ने दिया?” “नहीं,…

  • फालतू की राय

    “पिताजी, मैं ग्रीन सिटी के बराबर में जहाँ पर प्लॉटिंग हो रही है, वहाँ एक प्लॉट लेना चाहता हूँ। आपकी इस बारे में क्या राय है? क्या मेरा वहाँ प्लॉट लेना ठीक रहेगा?”मोहित ने अपने एडवोकेट पिता नरेश जी के ऑफिस में घुसते हुए पूछा। “ठीक है। ले लो। कोई दिक्कत नहीं।”अपने वकील मित्र राजेश…

  • कुंडली | Kundli

    अभि (अभिमन्यु) और प्रिया (सुप्रिया) की प्रेम कहानी वास्तव में एक अद्भुत और सुंदर दास्तान है जो हर किसी के दिल को छू जाती है। उनका प्यार इतना सच्चा और गहरा था कि वह हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता था। वे दोनों एक दूसरे के लिए बनें थे। उनका प्रेम एक दूसरे के…

  • मनोविकार | Manovikar

    शमी, एक हष्ट-पुष्ट नवमीं कक्षा का छात्र था, उसे खाने-पीने का बहुत शौक था । वह होनहार एवं मिलनसार प्रवृत्ति का लड़का था ,परन्तु कुछ दिनों से एकदम शांत और अलग-थलग रहता था । खाने-पीने में कोई रुचि नहीं ले रहा था । उदास मन से स्कूल जाता तथा वापस आने के बाद , पूरे…

  • दीवार | Deewar

    विशाल का फोन आया कमल पर कार्यक्रम की आप को पता है आप के घर के पीछे ऊंची दीवार बन गया है, कमल ने कहा कि नहीं मे तो बैंक मे हू। कमल तेजी से घर आता है और पीछे जाकर दीवार देखकर नर्वस हो जाता है और शोच ने लगा कि मेरी रानी कविता…

  • बता गये आँसू | Bata Gaye Aansu

    बता गये आँसू हाले – दिल सब बता गये आँसूजब भी आँखों में आ गये आँसू जब्ते- ग़म करना भी नहीं आसांअपनी फ़ितरत जता गये आँसू दूर तक कैसे चलते खारों परहौसला सब डिगा गये आँसू हमसफ़र जब गले से लग रोयेइक ख़ुशी सी जगा गये आँसू कौन अपना है या पराया हैदुनियादारी सिखा गये…