वतन की ख़ातिर | Watan ki Khatir

वतन की ख़ातिर ( Watan ki Khatir )   वतन की ख़ातिर लड़ने चले हम मुहब्बत देश से इतनी करे हम मिटे देंगे अदू अपने वतन के अमन के...

मुस्तकिल अंधेरा | Mustaqil Andhera

मुस्तकिल अंधेरा ( Mustaqil Andhera ) धीरे-धीरे अंधेरा गहराता जा रहा है, हर शय को यह धुंधलाता जा रहा है, दुनिया की हर रंगत स्याह हो रही...

बरतरी | Bartari

बरतरी ( Bartari )   क़दमों को संभाल कर चलो भटक जाएंगे, सर झुकाए रखो चुनरी सरक जाएंगे, हम बेटियों को ही यह नसीहतें करते जाएंगे, बेटों को कहते...

हसद | ईर्ष्या

हसद ( Hasad )   हज़ारों रत्न उसके तकिये के नीचे हैं, मगर मेरे इक पत्थर पर वो मरता है, उसकी इक नज़र तरसते हैं रत्न उसके, उन्हें भूलके मेरे...

ऐ मेरे गाँव | Aye Mere Gaon

ऐ मेरे गाँव ( Aye Mere Gaon )   ऐ मेरे गाँव की रौशन गलियाँ तुम यूँही मेरी राहें तकना, हाँ हम लौटके आएंगे ज़रूर, तुम आँखें...

आँखों की शरारत | Nazm Aankhon ki Shararat

आँखों की शरारत ( Aankhon ki Shararat )   तूने अभी तक मेरी मोहब्बत नहीं देखी, मेरे इन आँखों की शरारत नहीं देखी। नित्य आती हो ख्वाबों में...

ग़र्ज़ के रिश्ते | Garz ke Rishte

ग़र्ज़ के रिश्ते ( Garz ke Rishte )   कुछ एक रिश्ते ऐसे भी होते हैं, जो बिना ग़र्ज़ के बने होते हैं, उनकी शानो-शौकत न देखी जाती, जिनको हमारे...

रिवाज़ | Poem Riwaz

रिवाज़ ( Riwaz ) जब चाहा अपना बना लिया, जब चाहा दामन छुड़ा लिया, रिश्तों को पामाल करने का, ये रिवाज़ किसने बना दिया, रोज़ ही निकलने लगे एहसासों...

अकेलापन | Hindi Poem Akelapan

अकेलापन ( Akelapan )   अकेलेपन का ज़हर जो पी रहे हैं, साँस थमने की आस में जी रहे हैं, कुछ बातें होती हैं जो कहनी होती है, अनकहे...

तरबियत | Hindi Poem Tarabiyat

तरबियत ( Tarabiyat )   सौ बार टूटता है सौ बार जोड़ता है, बहुत मेहनत से कुम्हार एक बर्तन बना पाता है, मानो तो इंसान भी गीली मिट्टी होता है, हर ऐब...