कविताएँ

  • नव वर्ष | Kavita nav varsh

    नव वर्ष ( Nav varsh )     नूतन वर्ष मंगलदायक, अभिनंदन शुभ वंदन है। उमंग उल्लास भाव भरा, नववर्ष स्वागत वंदन है।   मधुर प्रेम रसधार बनो, सद्भावों की बनकर धारा। खुशियों की बरसात करो, उमड़े उर प्रेम प्यारा।   मोहक मुस्कान बन, सबके दिल पर छा जाओ। खुशियों का खजाना, प्यार के मोती…

  • मुस्कुराया जाए | Kavita muskuraya jaye

    मुस्कुराया जाए ( Muskuraya jaye )     आओ साथ मिलकर दोनो, मुस्कुराया जाए। बिना माचिस के कुछ दिल को, जलाया जाए।   आग नही ये चाहत होगी,औरों मे सुलगेगी, जाने कितने सुप्त हृदय मे,प्रीत के दीप जलेगी। आओ दीपों को जलाया जाए। मन के अंधियारे को, मिल मिटाया जाए।   शायद कुछ टूटे से…

  • सुहाना यह सफर | Kavita suhaana yah safar

    सुहाना यह सफर ( Suhaana yah safar )     सुहाना यह सफर प्यारा उमंगों की जरूरत है। हौसला लेकर चलो प्यारे जिंदगी खूबसूरत है।।   बजती चैन की बंशी सुंदर हो मोहक नजारे जहां। खिलते फूलों की वादियां दिलों में खूबसूरत है।।   आंधी तूफानों का क्या आए और चले जाएं। अनुभवों की डगर…

  • शेर की चार लाइनें | Hindi poems

    शेर की चार लाइनें   1 मोहब्बत में मिलावट, थोड़ी सी कर ली है कुछ ऐसे। नमक का स्वाद लेकर के, मिठाई बन गयी जैसे। थोड़ा खट्टा है थोड़ा चटपटा सा, लग रहा है ऐसे, कि मानो चाय के कुल्लढ मे काफी, पी लिया जैसे।   2 शुरू करने से पहले सारी बातें साफ कर…

  • श्री राधे | Shree Radhe Poem in Hindi

    श्री राधे ( Shree radhe )     मृदुल भाषिणी सौन्दर्य राधिणी रसकिनी पुनीता..श्री राधे। नित्य नवनीता रास विलासिनी दिव्य सुहासिनी.. श्री राधे।   नवल किशोरी अति ही मोही नित्य सुखकरनी…श्री राधे। कृष्ण आनन्दिनी आनन्द कादिनी कंचन वर्णा….श्री राधे।   नवल ब्रजेश्वरी नित्य रासेश्वरी रस आपूर्ति…श्री राधे। कोमल अंगिनी कृष्ण संगिनी प्रेम मूर्ति तुम…..श्री राधे।…

  • नशा कुर्सी का | Kavita nasha kursi ka

    नशा कुर्सी का ( Nasha kursi ka )     नर झूम-झूम गाता नशा कुर्सी का छा जाता चंद चांदी के सिक्कों में बहुमत नेता पाता   कुर्सी का चक्कर ऐसा सत्ता के गलियारों में वादे प्रलोभन सीखो भाषण दो हजारों में   समीकरण सारे हो कुछ प्यादे हमारे हो जोड़-तोड़ राजनीति राजनीतिक वारे हो…

  • नव-वर्ष शुभ-कामना | Nav-Varsh Shubhkamna

    नव-वर्ष शुभ-कामना ( Nav-varsh shubhakaamana )   सारा जग  सुंदर स्वस्थ रहे,             सानंद  रहे  सकुशलता  हो।    स्नेह  प्रेम  ममता  का मधु ,             अपनेपन की आकुलता हो।।    निज देश जाति के बंधन में ,             आकर्षण  हो  परिवारों  सा।    कर्तव्य कर्म का क्षणक्षण हो,            स्वर्णिम मधुरिम उपहारों सा।।   करुणा…

  • नव वर्ष अभिनंदन | Nav varsh abhinandan kavita

    नव वर्ष अभिनंदन ( Nav varsh abhinandan )     नई प्रेरणा नए तराने वर्ष नई उमंगे लेकर आ नया साल जीवन में सदभावों की ज्योत जगा   नई नई आशाएं भावन होठों पर मधुर मुस्कानें हो प्यार के मोती बरसे नैनो से जुबां पे गीत सुहाने हो   नई सोच से नववर्ष हमको अभिनंदन…

  • नया साल | Naya Saal Kavita

    नया साल ( Naya saal )   नए साल का स्वागत है नया साल अब आगत है   कोई सपनों का दीप जलाए कोई अपनों को पास बुलाए कोई सोवत कोई जागत है नए साल का स्वागत है   साल पुराना था दु:खदाई बहुत करोना किया तबाही नया सुखी कुछ लागत है नए साल का…

  • पापा आपके जाने के बाद | Papa ki yaad kavita

    पापा आपके जाने के बाद ( Papa aapke jane ke baad )   आपके जाने के बाद आँगन का ख़ालीपन कभी न भर पाया दहलीज लांघ तो ली मगर खुशियों को तिनके में ही जुटाया कभी ना खिली माँ के चेहरे की रंगत खिली फिर खिला कोई फूल यहाँ   पापा आपके जाने के बाद…