कविताएँ

  • जाने दो | Jaane do kavita

    जाने दो ( Jaane do )   हे प्रिय प्रकाश को बन्द करो, अन्धियारे को तुम आने दो। कोई देख ना ले हम दोनो को, जरा चाँद को तुम छुप जाने दो।   तब तक नयनों से बात करो, कोई हास नही परिहास करो। मन के भावों को रोक प्रिये, घनघोर अन्धेरा छाने दो।  …

  • स्वामी विवेकानंद | Kavita Swami Vivekananda

    स्वामी विवेकानंद ( Swami Vivekananda ) स्वामी विवेकानंद के जीवन से हम कुछ सीख ले l 2अध्यात्म और निज धर्म से खुद का भी जीवन सींच लें।हम नित नए अरमान लें यूं रास्ता चलते रहें।हम देश हित हो लक्ष्य जो उनको सदा बुनते रहें।मुश्किलें जो आएं पथ हम मुट्ठियों को भींच लें।स्वामी विवेकानन्द के…. वेदांत…

  • हे करतार सुनो | kavita

    हे करतार सुनो ( Hey karataar suno )     हे जग के करतार सुनो हरि दीनों के दातार सुनो करुणानिधि करुणासागर प्रभु लखदातार सुनो   दुनिया के रखवाले सुन लो गीता सार सुनाने वाले सारे जग के तारणहारे किस्मत को चमकाने वाले   सब को जीवन देने वाले सब की पीड़ा हरने वाले नैया…

  • कर्मगति | Kavita karmagati

    कर्मगति ( Karmagati )   वैतरणी पार करोगे कैसे, मन की छुदा मिटे ना। तरेगा कैसे जनम मरण जब,मन से पाप मिटे ना। इतना ज्ञानी हो होकर के भी,मोहजाल में लिपटा है, मिटेगा कैसे ताप बताओ, जब तन प्यास मिटे ना। वैतरणी पार करोगे कैसे…..   मुख से राम भजा पर मन में,तेज कटारी रखता…

  • धवल | Kavita dhawal

    धवल ( Dhawal )   हिमगिरी से हिम पिघल पिघल धवल धार बन बहता है धार धवल मानो हार नवल हिमपति कंठ चमकता है कल कल बहता सुरसरि जल राग अमर हिय भरता है दु:ख हारण कुल तारण गंगा का जल अविरल बहता है   धवल चंद्र की रजत चांदनी धरती को करती दीप्तिमान मानो…

  • मौसम की मार | kavita mausam ki maar

    मौसम की मार ( Mausam ki maar )   शीतलहर ढ़ाहत कहर दिखाई न देता डगर है, पग-पग जोखिम भरा मुश्किल हुआ सफ़र है,     सनसन चलती हवा ठंडक से ठिठुरता मानव, कौन किसकी बात सुने सबही हुआ सफ़र है।   कहीं पड़ते बर्फ के फाहे कहीं मूशलाधार वर्षा, चहुँओर से घिरता जीवन जीना…

  • मिनखपणो पिछाणो | Rajasthani poem

    मिनखपणो पिछाणो ( Rajasthani kavita )     मुंडो देख र टीकों काढै गांठ सारूं मनुवार करै। घर हाळा सूं परै रवै और गांवा रा सत्कार करै।।   मीठी-मीठी मिसरी घोळे बातां सूं रस टपकावै। टोळ गुढ़ावै घणी मोकळी मतळब खातर झूक ज्यावै।।   माळा टूटी अपणेस री भायां री बातां लागै खारी। मेळ जोळ…

  • खट्टी मीठी यादें | Khatti meethi yaadein kavita

    खट्टी मीठी यादें ( Khatti meethi yaadein )     वर्ष बीत गया कुछ कुछ कवड़ी मगर सच्ची यादें सब के जीवन को बदला कुछ अच्छी सच्ची बातें   आहिस्ता आहिस्ता नव वर्ष आ ही गया करें स्वागत नव ऊर्जा नव उमंग नव उत्साह संग आओ करें स्वागत   कुदरत ने ये कैसा कहर बरपाया…

  • जिम्मेदारी | Jimmedari kavita

    जिम्मेदारी ( Jimmedari )   रिश्तों की डगर पे जिम्मेदारी खूब निभाता हूं जीवन के उतार-चढ़ाव में संभल कर जाता हूं   घर परिवार कुटुंब अपनों में स्नेह लुटाता हूं अपनापन अनमोल है सबसे प्यार पाता हूं   मात पिता की सेवा करें समझे सब जिम्मेदारी तरुणाई चार दिन की फिर आगे अपनी बारी  …

  • सुहाग | Suhag kavita

    सुहाग ( Suhag )     बिंदिया पायल बिछिया कंगन सुहागन श्रृंगार है। सिन्दूर पिया मन भाये बढ़ता आपस में प्यार है।।   मंगलसूत्र सुहाग प्रतीक चेहरा चांद सा दमके। चूड़ियों की खनक में सितारा सौभाग्य चमके।।   सदा सलामत रहे सुहाग अनुराग उमड़ता है। प्रेम भरे पावन रिश्तों में प्यार दिलों में बढ़ता है।।…