कविताएँ

  • नव वर्ष मंगलमय हो | Nav varsh mangalmay ho 2022

    नव वर्ष मंगलमय हो ( Nav varsh mangalmay ho )   नव वर्ष अति हर्षद् सुखद आनन्दवृष्टिअपार हो। मेरे हृदय में आपका अनवरत साक्षात्कार हो।। नव वर्ष ० उपवन सुगंधित हो सदा अवनी पर हरियाली रहे, मन से कलुष सब दूर हों अमृत भरी प्याली रहे, वसुधा ही अपना कुटुंब है मनस् से यह उद्गार…

  • नया साल | Poem Naya Saal

    नया साल ( Naya Saal )     सर्द सी इस शाम में सोचा कुछ तेरे नाम लिख दूँ…..   शायद लफ्ज़ों की गर्मी से पिघल जाये जमी है जो बर्फ तेरे मेरे दरमियां   गिले शिकवे जो हो ‘ गर चले जायें साथ ही जाते हुये साल के….   क्यों न आगाज़ करें इक…

  • शेर की कविताए | Hindi poem of Sher Singh Hunkar

    शेर की कविताए ( Sher ki kavitayen )   हाँ दबे पाँव आयी वो दिल में मेरे, दिल पें दस्तक लगा के चली फिर गयी। खोल के दिल की कुण्डी मैं सोचूँ यही, मस्त खूँशबू ये आके कहाँ खो गयी॥ हाँ दबे पाँव….   सोच मौका दोबारा मिले ना मिले, ढूँढने मैं लगा जिस्म सें…

  • रंग | Kavita Rang

    रंग ( Rang )   रंगो की समझ हो तो तस्वीर बना दो। छंदो की समझ हो तो फिर गीत बना दो। जज्बात मे लहर हो तो प्यार तू कर ले, जो कुछ नही आता तो दिवाना बना दो।   दिल पे तुम्हारी चाहतो के जो निशान है। वो घाव बडे गहरे है और लाइलाज…

  • विरह | Virah ke geet

    विरह ( Virah )   वो अपनी दुनिया में मगन है, भूल के मेरा प्यार। मैं अब भी उलझी हूँ उसमें, भूल के जग संसार।   याद नही शायद मैं उसको,ऋतु बदला हर बार। विरह वेदना में लिपटी मैं, प्रीत गयी मैं हार।   मैं राघव की सिया बनी ना, जिसकी प्रीत सहाय। मैं कान्हा…

  • हुंकार भरो | kavita Hunkar Bharo

    हुंकार भरो ( Hunkar bharo )     तेल फुलेल क्रीम कंघी से, नकली  रूप  बनाओगे। या असली सौन्दर्य लहू का, आनन पे चमकाओगे।   रक्त शिराओ के वेगों को, रोक  नही  तुम पाओगे। क्राँन्ति युक्त भारत पुत्रों के,सामने गर तुम आओगे।   हम आर्यो के वंशज है जो, दुर्गम पथ पर चल कर भी।…

  • ये मोहब्बत की दुनिया | Ye mohabbat ki duniya

    ये मोहब्बत की दुनिया ( Ye mohabbat ki duniya )   सोनू रब से मुझे कुछ भी नहीं बस तेरी मोहब्बत चाहिए मेरे बुझे हुए  दिल में तुमने मोहब्बत के दीप को जलाया भावनाओं को भरकर अपनी मोहब्बत का जादू चलाया मोहब्बत में मैंने सब हारना चाहा मगर सब कुछ है पाया   तुम मोहब्बत…

  • तन्हा रातें | Tanha Raatein

    तन्हा रातें ( Tanha raatein )   जाड़े की ठिठुरती तन्हा रातें कोहरे में लिपटे जर्द होते जिस्म और बर्फ  होते रिश्तों को पिघलाने के लिये काफी हैं कुछ तेरी कुछ मेरी चंद गरम सांसें या फिर . . . . साथ गुजारे पलों की यादों की तपिश.. लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब…

  • उठे जब कलम कोई | Kavita uthe jab kalam koi

    उठे जब कलम कोई ( Uthe jab kalam koi )   उठे जब कलम कोई सिंहासन डोल जाता है सोया सारा धीरज जनता का बोल जाता है   सड़के  पूल  को निगले वो दिग्गज बड़े भारी चंद चांदी के सिक्कों में कुर्सियां खरीदते सारी   राज काली करतूतों का भांडा फूट जाता है उठे जब…

  • मर्यादा | Kavita maryada

    मर्यादा ( Maryada )     रामराज में मर्यादा का जो पाठ पढ़ाया जाता था आचरणों में संस्कारों का रत्न जड़ाया जाता था   मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र आज्ञाकारी पुत्र हुए पिता को परमेश्वर माना आज्ञा ले वन को गए   लक्ष्मण भरत सरीखे भाई हनुमान से भक्त हुए सीता जनक दुलारी प्यारी पावन प्रेम हृदय…