कविताएँ

  • भगवान महावीर का 2551 वां निर्वाण कल्याणक दिवस दीपावली पर्व

    आज से ठीक 2550 वर्ष पूर्व भगवान महावीर का आज के दिन निर्वाण हुआ था । आज के इस निर्वाण दिवस पर मेरा भावों से प्रभु को शत – शत वन्दन ! इस अवसर पर मेरे भाव – दीपों के पर्व पर चेतन , निज घर में कर तू आत्मरमणप्रभु महावीर की तरह स्वयं को…

  • ये देश | Yeh Desh

    ये देश ( Yeh Desh ) ये देश है वीर जवानों का,कुर्बानी औ बलिदानों का।आ तुझे सुनाऊं ओ यारा,कुछ गाथा उन अभिमानों का। अपनी नींद गंवा के वे सब,देश की रक्षा करते हैं,वतन की खातिर मर मिटते हैं,नहीं मौत से डरते हैं। जो हुए शहीद थे सरहद पे,वे किसी की आँख के तारे थे।जो हुए…

  • मन बसी झुंझलाहट

    मन बसी झुंझलाहट मेरे दुःख दर्द का तुज पर हो ऐसा असर ,कि आईना तुम देखो और चहरा मेरा दिखे l सबसे ज्यादा दर्द तो तब हुवा ,जब तुम्हे देखे बिना लौट आया l इतना दर्द देकर भी मन को भाती हो ,अगर हमदर्द होती तो क्या आलम हो l क्या कहूँ ,एक ही हमदर्द…

  • जलयान

    जलयान समुद्र के किनारे उस छोर परखड़ा हुआ है एक जलयान…किसी प्रवासी के इंतजार मेंअनुमान है वह प्रवासी वहाँ पहुंचकर वापस लौटकर चला गया है..या अभी वह उस गंतव्य तक पहूँचा ही नहीं है …समंदर के किनारे उस छोर पर खड़ा हुआ है एक जलयान चौहान शुभांगी मगनसिंहलातूर महाराष्ट्र यह भी पढ़ें:-

  • जनकवि अदम गोंडवी

    जनकवि अदम गोंडवी मैं प्रणाम, वंदन,नमन का चंदन आपको बार-बार हर बार करता हूं,स्मृति में रहो आप हमारे और जग के,यही प्रयत्न मैं हर बार करता हूं।मन को झकझोरती आपकी कविता, जग को दिखाई राह सच्चाई लेखनी से,जन कवि अदम गोंडवी जी को मैं साष्टांग दंडवत प्रणाम करता हूं।। गरीबी को बताई सच्चाई लाज तेरी,…

  • उस चाॅंद ने बहुत तड़पाया

    उस चाॅंद ने बहुत तड़पाया आज आसमानी उस चाॅंद ने मुझे बहुत तड़पाया,रोज़ाना जो जल्द आता आज वक्त पर न आया।पाॅंव में पाज़ेब हाथ में चूड़ी ये मेहन्दी मैंने रचाया,ऑंख लगाएं बैठी रही ये इन्तज़ार ख़ूब कराया।। क्यों करते हो हर बार ऐसा करवा चौथ की शाम,भूखी प्यासी रहकर गृहणियां लेती तुम्हारा नाम।बहुत नाज़ुक है…

  • दूर होकर भी पास

    दूर होकर भी पास तू दूर है, मगर दिल के पास है,तेरी यादों में हर पल का एहसास है।आँखों में ये आंसू तुझ तक पहुँचने को बेकरार हैं,काश तू सुन सके, मेरी दिल की ये पुकार है। रातों की तन्हाई में तेरा नाम पुकारता हूँ,हर धड़कन में तुझे ही तो महसूस करता हूँ।दूरी चाहे जितनी…

  • अर्थ | Arth

    अर्थ ( Arth ) अर्थ में ही अर्थ हैअर्थ के बिना सब व्यर्थ है। सत्य साधना या सत्कारसभी के लिए है यह जरूरी,जीवन का आवश्यक यह शर्त हैअर्थ के बिना सब अनर्थ है। सीधे मुॅंह कोई बात नहीं करतानजर रहती सभी की वक्र है,साज सम्मान के लिए यह जरूरीअर्थ नहीं तो यह दुनिया लगती व्यर्थ…

  • नंदवन के घर आनंद लाल

    नंदवन के घर आनंद लाल दयावान ही चक्रधारी है ,मुरलीवाला ही चमत्कारी है lराधा – कृष्ण – रुक्मणि है ,तरल लीला , कृष्ण लीला lसखी राधा तो सखा सुदामा l मुरली अगर सुरों की लीला ,तो मेघ सजे वर्षा की लीला lउँगली बनी गोवर्धन लीला ,कद्रू पुत्र यमुना कुंड लीला lआलम, मीरा, सुर में भी…

  • बापू से गुहार | Bapu se Guhar

    बापू से गुहार ( Bapu se guhar ) प्यारे बापू आज अगर तुम इस युग में जिंदा होते।हम जैसे निष्क्रिय लोगों के बीच में तुम जिंदा होते ।देख के सारी चाल कुचालें तुम बापू,निश्चय ही हम सब से तुम शर्मिंदा होते । 1 आओ बापू अब फिर से तुम भारत में आओ।आज के नेताओं को…