कविताएँ

  • अष्ट दीप दान

    अष्ट दीप दान आदि लक्ष्मी अर्पित करें, प्रथम दीप का दान।ह्रदय बुद्धि शीतल करें, और बढ़ाएँ मान।। 1।। धन लक्ष्मी को दीजिये, दूजा दीपक दान।भौतिक सुख सम्पन्नता, मान और सम्मान।। 2।। कौशल प्रतिभा ज्ञान का, दीप तीसरा दान।विद्या लक्ष्मी जान कर, मनुज बढ़ाया मान।। 3 ।। अन्न बिना जीवन नही, अर्पित लक्ष्मी धान ।चौथा दीपक…

  • दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार

    दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार दीपावली है दीपोत्सव का सबसे प्यारा त्यौहार,दीपक जलाकर इसे मनाता हैं देखो सारा संसार।जगमगाता है जग, दीपक की ज्योति की लौ से,दीप जलाते,खुशी मनाते हैं, है रंगोली की भरमार।। दीपावली सनातनियों का है सबसे प्यारा त्यौहार,जग के अंधकार मिटाता है होती रोशनी की भरमार ।बुराई से अच्छाई की विजय कर घर…

  • आओ हम दिवाली मनाएं

    आओ हम दिवाली मनाएं आओ हम-सब साथ मनाएं दीवाली त्यौंहार,तमस की उमस दूर करें जलाएं दीप अपार।जगमग कर दे घर ऑंगन हो समृद्धि बौछार,सुखमय हो सबका जीवन महकें द्वार-द्वार।। इसदिन ही संपूर्ण हुआ श्री राम का वनवास,सीता-राम और लखन पधारे अपने निवास।झिलमिल करते दीप-जलाएं पर्व बना ख़ास,तब से चली आ रही परंपरा कार्तिक-मास।। इस अमावश…

  • खुशियों से रौशन करें संसार

    दीपावली घी रुई से ज्योति जलतीमिट्टी का दीपक जलताजीवन की गाड़ी चलतीआपसी प्रेम जो पलता राम आज जब आयेंगेप्रसन्न हो जायेगी सीताअयोध्यावासी भी गायेंगेउर्मिला भी होगी हर्षिता भरत मिलने आयेंगेशुभ बेला आई पुनीतानागर दीप जलायेंगेखुश होंगी तीनों माता रावण से लंका को जीतामुक्त हुई लंका से सीता। खुशियों से रौशन करें संसार दीपोत्सव की खुशियां…

  • दीपक की महिमा

    दीपक की महिमा दीपावली का त्यौहार हैखुशियों की बाहर लाया। दीपों की सजी कतार हैजगमगा रहा पूरा संसार हैं। अंधकार पर प्रकाश की विजय लायासुख समृद्धि भाईचारे का संदेश लाया। किसानों के चेहरे पर खुशी की लाली आईसभी की आंखों में अलग ही चमक आई मां लक्ष्मी घर घर पधार रही हैचारों ओर खुशियों की…

  • धन्य त्रयोदशी

    धन्य त्रयोदशी सबसे निस्पृह महावीर प्रभु अनंत चतुष्टय रत रहते,समवसरण की बाह्य लक्ष्मी पर भी चौ अंगुल स्थित रहते,कार्तिक मास की त्रयोदशी पर तीर्थंकर पुण्य भी त्याग दिया,सारा वैभव पीछे छूटा प्रभु एकल विहार रत रहते !! धन्य हुई कार्तिक त्रयोदशी आपने योग निरोध किया,मन वच काय साध आपने आत्म तत्व को शोध लिया ,योग…

  • अन्तर्मन का दीया

    अन्तर्मन का दीया दीपावली के दीये तोबुझ जाएँगेएक रात के बाद किन्तु अन्तर्मन का दीयासदैव जलाए रखना तांकि मिट सकेनिराशाओं का तिमिरचमकता रहेआशाओं का शिविर जगमगा उठेयह दिवस ओ निशाभावनाओं की हर दिशा यदि हो सके तोजलानाकिसी असहाय केबुझे हुए दीयेरौशनी के लिए। डॉ जसप्रीत कौर फ़लक( लुधियाना ) यह भी पढ़ें :-

  • होकर उल्लू पर सवार

    होकर उल्लू पर सवार होकर उल्लू पर सवार ,चली लक्ष्मी हर घर-द्वार। यश, धन की करने बरसात,अनिल मंद स्वर गाए मल्हार । सोने का रथ,रजत पालकी,रथ पर हुए कुबेर सवार । ऋद्धि-सिद्धि व बुद्धि प्रदाता ,संग गणेश हैं , दीप आधार। मन भावन प्रिय लगे सुरुचिकर,दीपावली, धनतेरस त्यौहार। जीवन में शुभ-लाभ है छाया ,दीप जले…

  • धनतेरस का त्योहार आया

    धनतेरस का त्योहार आया जगमग जगमग चांद सितारेमाता लक्ष्मी के चरण पधारे। व्यापारियों के भाग्य संवारेधनतेरस पर बज रहे नगाड़े। हो रहा दीपावली का शुभारंभनव वर्ष का सफल प्रारंभ। सभी खुशी-खुशी गाये मल्हारधनतेरस का आया है त्यौहार। आज झालर दिपों से सजी सभी की गेहमन के नभ से बरसे माधुरीम नेह। पुजे कुबेर संग धनवंतरी…

  • इन्हीं दिनों | Inhi Dino

    इन्हीं दिनों ( Inhi Dino ) अक्टूबर फिर गुज़रने को हैमेरे ज़ख़्म हरे करने को हैंपारिजात की बेलों परनीले फूल महक रहे थेउम्मीद की शाख़ों परआरज़ू के पंछी चहक रहे थे तुम ने इन्हीं दिनों दबे स्वर में कहाजा रहा हूँ सात समन्दर पारयदि हो सके तोतुम करना इन्तज़ारतुम्हें कैसे बताऊँउस लम्हे की कसकज़मीं पे…