कहानियां

  • मदद

    कुलदीप प्राथमिक विद्यालय बसेड़ा खुर्द में कक्षा 5 का छात्र था। वह पढ़ाई में बहुत होशियार था। सब कुछ आसानी से तथा जल्दी से याद कर लेता था। रमेश सर को उस पर गर्व था। वे बाकी बच्चों को कुलदीप से प्रेरणा लेने व मेहनत से पढ़ने के लिए बोलते थे। कुलदीप की पढ़ाई के…

  • अनानास

    दस साल का रामू बहुत भोला भाला और सीधा लड़का था। उसको कोई भी अपनी बातों में फंसाकर उल्लू बना देता था। वह बिना सोचे समझे काम करने लग जाता था परन्तु बाद में उसको बड़ा पछतावा होता था। एक दिन वह अपने दोस्तों के साथ स्कूल जा रहा था। रास्ते में उनको अनानास का…

  • किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है

           दुल्हेराजा घोड़ी पर सवार थे.. बाराती नाच रहे थे.. डीजे का शोर सुस्त कदमो को भी थिरकने के लिए मजबूर कर रहा था.. महिलाएं पुरुष पसीने से लथपथ हो रहे थे.. धीरे धीरे बारात आगे बढ रही थी तभी किसी ने मेरा हाथ पकड़ा ओर बारातीयो की भीड़ से मुझे बाहर खींच लिया.. मैं चौका…..

  • कर भला, हो बुरा

    टिंकू एक पिज़्ज़ा डिलीवरी बॉय हैं। उनकी शादी अब से 5 वर्ष पहले प्रिया कुमारी से हुई थी। प्रिया शादी के बाद भी पढ़ना चाहती थी, तो टिंकू ने बिना किसी हिचकिचाहट के 2.5 लाख का लोन लिया और शकुंतला नर्सिंग कॉलेज में उसका एडमिशन करवा दिया। टिंकू ने सोचा कि कुछ पैसे लगेंगे तो…

  • उच्चता

    उच्चता कितना आकर्षक शब्दकिन्तु जितना आकर्षकउतना ही दूर यह हैपुरुषार्थ और लगन सेकोई भी कार्य बेहतर होता हैसंकल्प और प्रतिबद्धतासे होता बेहतरीनकार्य को श्रेष्ठता काजामा पहनाने के लिएरहना पड़ता है सदैवउसमें तन-मन से लीनप्रतिभा और क्षमता केयोग से वो उच्चता पाता हैअपनी अलग पहचान बनाता हैचाहे जीवन विकास काकार्य हो याचाहे हो किसी मेंयोग्यता प्रदर्शन…

  • सबसे बड़ा रुपैया

    आज राजू सर स्कूल नहीं आए थे। उनकी जगह मैं कक्षा एक को पढ़ाने में इतना व्यस्त हो गया था कि समय का पता ही नहीं चला। अचानक एक बच्चा आकर बोला, “सर इंटरवेल कब होगा?? मिड डे मील बन चुका है??” मैंने घड़ी देखी। समय हो चुका था। मैं प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के…

  • अविश्वासी

    राजू बहुत कंजूस और लालची प्रवृत्ति का व्यक्ति था। वह किसी पर आसानी से विश्वास नहीं करता था। एक दिन बाइक से घर जाते समय उसका एक्सीडेंट हो गया। उसके सीधे पैर में फ्रैक्चर हो गया। डॉक्टर ने उसकी हड्डी जोड़कर, प्लास्टर करके आराम करने की सलाह दी। दो दिन अस्पताल में रहने के बाद…

  • सूनी बगिया

    चारों ओर सामान बिखरा पड़ा है। चद्दर कंबल सब ऐसे पड़े हैं। घर नहीं कबाड़खाना बन चुका है। ऐसा हर समय नहीं रहता था। एक एक सामान बहुत शलीके से रखा रहता था क्या मजाल थी कोई सामान इधर से उधर हो जाए। लेकिन क्या कहा जा सकता है। मौत का ऐसा अनोखा झोंका आया…

  • आराम

    “यहाँ क्या कर रहे हो?” अस्पताल में वेंटिलेटर पर अशोक को लेटा देखकर विनोद ने पूछा। “आराम” अशोक ने जवाब दिया “वो तो दिख रहा है। यह सब कैसे हुआ?” “बड़े भाई, हर समय काम, काम और काम। काम के सिलसिले में मैंने आराम करने का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा। नतीजा यह हुआ कि अब…

  • समदर्शी

    राम और श्याम दो ऐसे व्यक्ति थे जो एक ही सरकारी कंपनी में समान पद पर कार्यरत थे। लेकिन उनके व्यक्तित्व और व्यवहार में बहुत बड़ा अंतर था। राम एक ऐसा व्यक्ति था जो अपने से नीचे पदों पर आसीन व्यक्तियों के साथ अभद्र व्यवहार करता था। वह उन्हें निम्न दृष्टि से देखता था और…