नाम लेकर मुझे तुम बुलाया करो
नाम लेकर मुझे तुम बुलाया करो नाम लेकर मुझे तुम बुलाया करोजब भी जी चाहे तुम आज़माया करो बेगुनाहों की फ़रियाद सुनता है रबझूठी तुहमत न ऐसे लगाया करो इश्क़ का तुहफा भी नज़्र करती तुम्हेंमेरी ग़ज़लों में आकर समाया करो बात माना करो दूसरों की भी तुमहर समय अपनी ही मत चलाया करो ये…










