ग़ज़ल

  • तमन्न-ए-क़ल्ब | Tamanna-e-Qalb

    तमन्न-ए-क़ल्ब ( Tamanna-e-Qalb ) हर तमन्न-ए-क़ल्ब मर जाए।वो अगर अ़ह्द से मुकर जाए। और भी आब-जू निखर जाए।वो अगर झील में उतर जाए। वो अगर देख ले नज़र भर कर।सूरत-ए-आईना संवर जाए। क्या करें जान ही नहीं जाती।जान जाए तो दर्द-ए-सर जाए। जेब ख़ाली है ह़ाल बोसीदा।ऐसी ह़ालत में कौन घर जाए। हाथ रख दे…

  • आसमान छोड़ गये | Aasman Chhod Gaye

    आसमान छोड़ गये ( Aasman Chhod Gaye ) 1.ख़मोशियों का फ़कत आसमान छोड़ गयेकिसी की याद के पंछी मचान छोड़ गये2.महक रहा है उसी की महक से तन सारावो दिल दिमाग़ में जो जाफ़रान छोड़ गये3.घड़ी-घड़ी ही ये लगता है आसपास हो तुमदयारे-होश में कैसा गुमान छोड़ गये4.उसी सहारे से मंज़िल पे आ गया मैं…

  • दीप जलते ही | Deep Jalate Hi

    दीप जलते ही ( Deep Jalate Hi ) छुप के बैठी थी कहीं शातिर हवा।दीप जलते ही, हुई हाज़िर हवा। तर्के-मय वाले परेशानी में हैं,बू-ए-मय अब मत उड़ा काफ़िर हवा। यक-ब-यक गुमसुम नदी क्यों हँस पड़ी,मौज से क्या कह गई आख़िर, हवा। क्या ठिकाना कब, कहाँ को चल पड़े,रुख़ बदलने में तो है माहिर हवा।…

  • तुम ही मेरी ह़सरत हो | Hasrat Shayari

    तुम ही मेरी ह़सरत हो ( Tum hi Meri Hasrat Ho ) तुम ही मेरी ह़सरत हो।तुम ही मेरी चाहत हो। तुम ही हो कशमीर मिरा।तुम ही मेरी जन्नत हो। तुम ही हो मुस्कान मिरी।तुम ही मेरी नख़वत हो। तुम को कैसे भूलूं मैं।तुम ही दिल की राह़त हो। तुम ही हो गुलशन की छब।तुम…

  • तीर बरसाता है पर नायक नहीं है

    तीर बरसाता है पर नायक नहीं है तीर बरसाता है पर नायक नहीं हैशायरी करता है संहारक नहीं है अनकहे अध्याय इंसा क्या पढ़ेगाज़िंदगी जीता है संचालक नहीं है वेदना ही वेदना है शायरी मेंवृक्ष यह भी कोई फलदायक नहीं है वो जो दौलत के लिए रिश्ते ही छोड़ेआदमी तो है मगर लायक़ नहीं है…

  • अब क्या छोडूं | Ab Kya Chodu

    अब क्या छोडूं ( Ab Kya Chodu ) हॅंसना गाना बाल बनाना छोड़ दिया सब अब क्या छोडूं,दुनिया भर से बैर तुम्हें तो बोलो तो अब दुनिया छोडूॅं। अपनी सब आशाइश प्यारी सारे शौक अभी तक ज़िंदामुझसे है उम्मीद मगर ये हर ख्वाहिश हर सपना छोड़ूॅं। भॅंवरा सिफ़त तबीयत लेकर हर गुलशन में जाते लेकिन,चाह…

  • देखे हैं हमने | Dekhe Hai Humne

    देखे हैं हमने ( Dekhe Hai Humne ) देखे हैं हमने घूम के दुनिया के सब गुलाब।मिलता नहीं कहीं भी सनम आपका जवाब। क्योंकर न उसको नाज़ हो अपने नसीब पर।जिसको तुम्हारे प्यार की दौलत है दस्तयाब। बैठी हुई है ऐसे वो सखियों के दरमियां।तारों में जैसे बैठा हो सजधज के माहताब। किसकी मिसाल किससे…

  • अजब दोस्ती के गजब चर्चे

    अजब दोस्ती के गजब चर्चे मुकद्दर से मिली छाह दोस्ती की lजिंदगी से बुलंद राह दोस्ती की ll मौत से भी छीन कर लाएँगे lदोस्त की दोस्ती सभ में जगाएँगे ll वफ़ा और दोस्ती का कोई मोल नहीं lजब पता चला तो ओ मेरे पास नहीं ll फिर से खड़ी हुई दुनिया मेरी lपहला दर्पण…

  • उनके होंठों पे थी हंसी कल शब

    उनके होंठों पे थी हंसी कल शब उनके होंठों पे थी हंसी कल शब।रोशनी सी थी तीरगी कल शब। चांद उतरा था अपने आंगन में।हम पे बरसी थी चांदनी कल शब। कुछ क़दम भी हमारे बहके थे।कुछ हवा भी थी मधभरी कल शब। जो भी कहना था कह दिया उनसे।आ गई काम मयकशी कल शब।…

  • मिलने जब यार से चला होगा

    मिलने जब यार से चला होगा मिलने जब यार से चला होगाप्यार का तब नशा चढ़ा होगा खिल गए फूल दिल में खुशियों केबनके महताब जब मिला होगा इतनी चाहत भरे हो तुम दिल मेंगुल भी तो प्यार का खिला होगा जब भी आया तुझे सनम मिलनेहाल दिल का बयां हुआ होगा कुछ सुना हाल…