Chandraghanta Maa

चंद्रघंटा मां | Chandraghanta Maa

चंद्रघंटा मां

( Chandraghanta Maa ) 

 

स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक

शारदीय नवरात्र तृतीय बेला,
शीर्षस्थ भक्ति शक्ति भाव ।
सर्वत्र दर्शित आध्यात्म ओज,
जीवन आरूढ़ धर्म निष्ठा नाव ।
चंद्रघंटा रूप धर मां भवानी,
शांति समग्र कल्याण प्रदायक ।
स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक ।।

साधक पुनीत अंतर्मन आज,
मणिपूर चक्र श्री प्रवेश ।
मां स्व विग्रह पूजन अर्चन,
दर्शन अलौकिकता परिवेश ।
युद्ध उद्यत मुद्रा मां जगदंबे,
दुःख कष्ट पाप मुक्ति नायक ।
स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक ।।

शीश अर्द्ध चंद्र शोभना,
सिंहारूढ़ मनमोहनी छवि ।
दशम कर खड्ग श्रृंगार,
दूर मंगल दोष कर पवि ।
मां असीम कृपा दृष्टि नित,
बाधा संघर्ष हल परिचायक ।
स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यः फलदायक ।।

अनुभूत सुरभि स्वर लहरी,
मां अनूप स्तुति साधना ।
सुख समृद्ध विमल जीवन ,
परिपूर्ण मनोवांछित कामना ।
वीरता पराक्रम वर संग मां,
सौम्यता विनम्रता विधायक ।
स्वर्णिम आभामयी मां चंद्रघंटा,अनंत सद्यःफलदायक ।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें :-

मां ब्रह्मचारिणी | Maa Brahmacharini

Similar Posts

  • भोर की किरण | Kavita

    भोर की किरण ( Bhor ki kiran )   भोर की पहली किरण उर चेतना का भाव है उषा का उजाला जग में रवि तेज का प्रभाव है   आशाओं की जोत जगाती अंधकार हरती जग का जीने की राह दिखाकर उजियारा करती मन का   कर्मवीरों की प्रेरणा हौसलों की उड़ान है योद्धाओं की…

  • सरदार वल्लभ भाई पटेल | Sardar Vallabh Bhai Patel Par Kavita

    सरदार वल्लभ भाई पटेल ( Sardar Vallabh Bhai Patel )   स्वाभिमानी भाल दमकता अदम्य साहस भरपूर। राष्ट्रदीप जोत ज्योत जला देश प्रेम में रहते चूर।   एकता का सूत्र पिरोकर मातृभूमि से प्यार किया। लौहपुरुष सच्चे सपूत तन मन धन सब वार दिया।   अखंड भारत निर्माता दूरदर्शी उच्च विचारधारा। क्रांतिकाल कर्मठ योद्धा वल्लभभाई…

  • होली ‌पुरानी | Kavita Holi Purani

    होली ‌पुरानी ( Holi Purani )   याद है वो होली मुझको। बीच गांव में एक ताल था, ताल किनारे देवी मन्दिर, मन्दिर से सटी विस्तृत चौपाल, जहां बैठकर बुजुर्ग गांव के, सुलझा देते विवाद गांव के, फिर नाऊठाकुर काका का, आबालवृद्ध के मस्तक पर, पहला अबीर तब लगता था, फिर दौर पान का चलता…

  • हम भी रक्षक देश के | Hum bhi Rakshak

    हम भी रक्षक देश के ( Hum bhi rakshak desh ke )    कोई घबराएँ नहीं दिल में विश्वास चाहिए, हमको सलाह नही आपका साथ चाहिए। कोई नही है जो तुमको लूट रहा मार रहा, हम रक्षक देश के इसका विकास चाहिए।। परेशान नही आज सब ख़ुश रहना सीखों, कम खाना ग़म खाना गुस्सा पीना…

  • अद्वितीय

    अद्वितीय दर्शन की भाषा मेंकहा जा सकता हैदूसरा कोई नहींव्यवहार की भाषामें कहा जा सकता हैअकेला कोई नहींअपेक्षित सुधार व परिस्कार हो,और उसके हर कदम के साथसंतुलन का अनोखा उपहार होबाहरी दुनियां का भ्रमणतो केवल संसार समुद्र मेंआत्मा का भटकन है वहइसी में क्यों पागल बनाहमारा यह मन और जीवन हैजिस दिन हमें अन्तर केआनन्द…

  • प्राण प्रतिष्ठा रामलला की | Pran Pratishtha Ram Lala ki

    प्राण प्रतिष्ठा रामलला की ( Pran Pratishtha Ram Lala ki )   चहुंओर खुशियों के बादल, अवधपुरी हरसाई है। आ रहे हैं रघुनंदन प्यारे, अब हर्ष घटाएं छाई है। प्राण प्रतिष्ठा रामलला की, दिव्य अलौकिक राम की। मर्यादा पुरुषोत्तम प्यारे, लक्ष्मण संग माता जानकी। उमड़ पड़ी है जन धारा, राम राम श्री राम का नारा।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *