छंद

साथी | छंद

साथी

( Sathi )

मनहरण घनाक्षरी

 

वृंदावन सा हृदय,
गोकुल सा मन मेरा।
बजे बंशी मोहन की,
झूम झूम गाइये।

आंधी तूफां मुश्किलों का,
सुख सागर हो जाना।
मन भाती प्रीत साथी,
मनमीत आइए।

महका मधुमास सा,
प्यार के मोती लुटाता।
तेरा मेरा प्रेम सच्चा,
रस बरसाइये।

सद्भाव प्रेम आनंद से,
तय सफर हो सारा।
मनमीत मनोहर,
खुशियां लुटाईये।

?

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

महाबली पराक्रमी रावण | Raavan par kavita

Similar Posts

  • भगत सिंह परघनाक्षरी

    भगत सिंह पर घनाक्षरी भरी तरुणाई मे वो, देश की लड़ाई मे वो,फाँसी के फंदे मे झूले, पुण्यात्मा महान हैं। वीर वो कहाते हैं जो, जां देश पे लुटाते हैं,ऐसे ही प्यारे भगत, सिंह वो महान हैं। भारत की शान हैं वो, हमारी आन वान हैं,गाता गुणगान सारा, भारत महान है। हैं शहीद वो कहाते,…

  • समय रुकता नहीं | Samay rukta nahi | Chhand

    समय रुकता नहीं ( Samay rukta nahi ) मनहरण घनाक्षरी   वक्त निकला जा रहा, समय रुकता नहीं। कालचक्र की गति को, जरा पहचानिए।   शनै शनै बीत रहा, हाथों से निकले रेत। पल पल हर घड़ी, समय को जानिए।   काल की नियति जानो, ठहरता नहीं वक्त। समय को बलवान, जीवन में मानिये।  …

  • श्याम बसे घट घट | Shyam Base Ghat Ghat

    श्याम बसे घट घट ( Shyam base ghat ghat )    हरिहरण घनाक्षरी   रामजी बसा लो घट, श्याम बसे घट घट। पणिहारी पनघट, भर लाई नीर घट। भोर भई निशा घट, प्रेम रहा उर घट। राम बसे जब घट, पाप सारा जाए घट। सर तीर भर घट, छलकत अध घट। जला दीप घट घट,…

  • करवा चौथ | Chhand karva chauth

    करवा चौथ ( Karva chauth )   सुहागनें नारी सारी, करवा चौथ मनायें। कर सोलह श्रंगार, गौरी चांद मना रही। मनमीत प्रियतम, प्राण प्यारे भरतार। लंबी जीए उम्र जग, मंगल कामना कहीं। दिलों का पावन रिश्ता, टूटे ना तकरार से। प्रीत का झरना बहे, प्रेम की सरिता बही। धवल चांदनी सुधा, उमड़ा सागर प्रेम। पिया…

  • फूलों की कली | Phoolon ki kali | Chhand

    फूलों की कली ( Phoolon ki kali ) मनहरण घनाक्षरी   महक गई वादियां, महका चमन सारा। फूलों की कलियां खिली, मधुर चली बहार।   मधुबन में बहारें, झौंका मस्त पवन का। कलियों ने महकाया, लो आने लगी बहार।   विविध भांति पुष्पो ने, सुगंधित कलियों ने। मदमस्त किया समां, सुहानी लगी बयार।   महकते…

  • नसीहतें | Nasihaten Chhand

    नसीहतें ( Nasihaten )     नसीहतें मां-बाप की सुन लेना एक बार जिंदगी सुधर जाए एतबार कीजिए   भला चाहते आपका अपने ही देते सीख बड़ों की नसीहतों को सम्मान दीजिए   नसीहतें ना दीजिए कर्म भी जग में करे हुनर दिखला कर खूब यश लीजिए   जिंदगी की जंग में भी हौसला रखना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *