Desh ke Naam

एक रचना देश के नाम | Desh ke Naam

एक रचना देश के नाम

( Ek rachna desh ke naam )

 

तिरंगा हमारी आन बान व शान है,
अपने देश के प्रति हमें अभिमान है,
जो कहीं देखने को भी नहीं मिलती,
हमारे पास वह संस्कृति की खान है।-1

परंपरा और इतिहास देश की शान है ,
भारत की खातिर शहीदों ने दी जान है,
लाल किला, हवा महल, कुतुब मीनार, ताज महल
इन्हीं में ही तो बसे हुए देश के प्राण हैं।-2

विविध शैलियों और त्योहारो से बना हिन्दुस्तान है,
विश्व में भारत का होता बहुत सम्मान है,
जो सबको है रिझाता और यहाँ बुलाता
वह लोकप्रिय नृत्य और खानपान है।-3

सीने पर गोली झेल जाना हर सैनिक का अरमान है,
मौत को गले लगा कर देते अपनी जान है,
कहाँ जताते है वो एहसान इस बात का ,
ऐसे सैनिकों पर हमें गर्व है अभिमान है।-4

ऐसे सैनिकों पर हमें गर्व है अभिमान है।।
जय जवान ,जय किसान
जय हो मेरा हिंदुस्तान।

 

कवि : सुमित मानधना ‘गौरव’

सूरत ( गुजरात )

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