Diwali ki kavita in Hindi

हर तिमिर मिट जाए | Diwali ki kavita in Hindi

हर तिमिर मिट जाए

( Har timir mit jaye : Kavita)

 

जल  उठे  दीए,  घर  आंगन  में;
भर जाएँ खुशियाँ सबके दामन में!
घर में श्री गणेश-लक्ष्मी का वास हो;
और कोरोना महामारी का नाश हो!

 

हर ग़रीब के घर दीया व चूल्हा जले;
सबका संसार खुशियों से फूले-फले!
मिट्टी के दीपक जला, ये वर माँगेंगे;
चीन  से  निर्मित बत्तियों को त्यागेंगे!

 

हम सब खील खिलौनों का प्रसाद बाँटें;
हे  ईश्वर,  हर  विघ्न  बाधा  को  काटें!
राम-लला के आगमन से संकट छँट जाए
इस  दीपावली  हर  तिमिर  मिट जाए!

 

🍀

कवयित्री: – रूना लखनवी

यह भी पढ़ें :-

दीप दिवाली के | Happy diwali kavita

Similar Posts

  • अद्वैत दर्शन की गाथा

    अद्वैत दर्शन की गाथा ब्रह्म से हम, ब्रह्म में समाहित,यही सत्य है, जीवन का उद्देश्य।अहं ब्रह्मास्मि, आत्मा का स्वर,अद्वैत में बसा, जीवन का मर्म। न कोई भेद है, न कोई दूरी,सब एक हैं, यही सत्य की पूरी।ब्रह्म साकार, ब्रह्म निराकार,एक ही शक्ति, आत्मा का दुआर। जीवन की धारा, एक ही प्रवाह,आत्मा और ब्रह्म, दोनों का…

  • दाल बाटी और चूरमा | Dal Baati aur Churma

    दाल बाटी और चूरमा ( Dal Baati aur Churma )   संपूर्ण विश्व में प्रसिद्ध है यह राजस्थानी पकवान, बड़े शान से खाते है जिससे आ जाती यह जान। कई तरीकों से बनाया जाता बाटी है इसका नाम, पारंपरिक-व्यंजन है ये जो राजस्थान की शान।। मौसम चाहें कोई सा भी हो ये सर्दी गर्मी बरसात,…

  • ये मोबाइल मित्र भी शत्रु भी | Mobile par Kavita

    ये मोबाइल मित्र भी शत्रु भी ( Ye mobile mitra bhi shatru bhi )  ये मोबाईल हमारा है मित्र भी एवं यह है शत्रु भी, बहुत इसके फ़ायदे है और बहुत है नुकसान भी। रखता इसको अमीर भी रखता है सब ग़रीब भी, इसी से होता है वहम फिर भी यही है अहम भी।। मिलता…

  • किताब | Kitab par kavita

    किताब ( Kitab )   ज्ञान सिंधु में गोते लगा लो पुस्तकों  से  प्यार  करो आखर आखर मोती महके मन में जरा विचार करो   ज्ञान विज्ञान सारा समाया तजो क्रोध लोभ मोह माया त्याग तपस्या पराक्रम भारी वीरों की गाथा को पाया   साधु संतों मुनियों ने लिखी वैद्य वकील वैज्ञानिक ने कहीं इंजीनियर…

  • होली आई रे | Holi Aayi re

    होली आई रे  ( Holi Aayi re ) ( 2 ) होली आई…..होली आई…होली आई रे होली आई…..होली आई…होली आई रे नीले पीले लाल गुलाबी रंगों का ये त्यौहार, खुशियों उमंगों से भर देता है सबका संसार। रंग बिरंगे रंगों में सबको डुबोने होली आई रे, क्या बच्चे क्या बूढ़े सबकी बनाने टोली आई रे।…

  • Kavita | प्यार

    प्यार  ( Pyar ) बड़ा-छोटा काला-गोरा मोटा-पतला अमीर-गरीब हर किसी को हो सकता है-किसी से प्यार , यह ना माने सरहदें, ना देखे दरो-दीवार, हसीं-बदसूरत,बुढ़ा-जवान,तंदरूस्त-बीमार, यहाँ सबके लिए खुले हैं – प्यार के किवार । मैं नहीं तुम नहीं आप नहीं हम नहीं एक है बंदा-संग लिए बैठा रिश्ते हज़ार, सिर्फ़ दिल की सुनो जब…

One Comment

  1. बहुत सुन्दर विचार व भाव, तुम्हें ढेर सारी शुभकामनायें रूना.

    मीतू मिश्रा

Leave a Reply to मीतू मिश्रा Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *