दीवाली मन गई | Diwali Man Gai

दीवाली मन गई

( Diwali man gai ) 

 

दीपो की बारात आई तुमको अपने साथ लाई ।

खुशियों की सौगात पाई अब दीवाली मन गई ।

मेरी दीवाली मन गई ।

सुर बिना हो साज जैसे वैसे मै जीती रही ।

काम न था काज कुछ बन बांवरी फिरती रही ।

नाम जब तुमने पुकारा नींद से मानो जगी ।

 द्वार पर आये हो तुम यह सोचकर उठ कर भगी ।

चंद्रमा सा रूप देखा सच है नही यह झूठ सोचा ।

तब दीवाली मन गई मेरी दीवाली मन गई ।

आंखो ने सब कुछ कहा पर मौन हम तुम रह गये ।

कुछ न सूझा कुछ न समझा जाने क्या क्या कह गये ।

पीर मन की भी उमड़कर अश्रु बनकर बह गये ।

आश पूरी हो गई अरमान पूरे हो गये

अंक में तुमने भरा जब कानों में तुमने कहा जब ।

गालो में चमकी  हया तब दीवाली मन गई ।

मेरी दीवाली मन गई ।

 

आशा झा
दुर्ग ( छत्तीसगढ़ )

यह भी पढ़ें :-

चुनाव फिर से आ गया | Chunav

Similar Posts

  • शीतला माता | Poem sheetla mata

    शीतला माता ( Sheetla Mata )   शीतलता दात्री शीतला, शीतल करे हरे सब पीरा। जा पर कृपा करें माँ भवानी सहाय करे रघुवीरा।   गर्दभ हो विराजित माता, कलश मर्जनी कर सोहे। ठंडा बासी आपको भाता, श्वेतांबर माता मन मोहे।   चेचक रोग नाशिनी मैया, पीत ज्वर हर संताप हरे। आरोग्य  सुखदाता  माता,  हर्ष …

  • चाय की चुस्कियां | Chai ki Chuskiyan

    चाय की चुस्कियां ( Chai ki chuskiyan )   चाय की चुस्कियों में तबियत खुश हो गई। चेहरे पे रंगत छाई आंगन में रौनक हो गई। महक उठी महफिल अजीज मिल बैठे यार। कहकहो का दौर लेके आई हंसी की बहार। चाय की चुस्कियों ने मीठी कर दी जुबान को। अदरक ने रुतबे से खुश…

  • अद्वितीय

    अद्वितीय दर्शन की भाषा मेंकहा जा सकता हैदूसरा कोई नहींव्यवहार की भाषामें कहा जा सकता हैअकेला कोई नहींअपेक्षित सुधार व परिस्कार हो,और उसके हर कदम के साथसंतुलन का अनोखा उपहार होबाहरी दुनियां का भ्रमणतो केवल संसार समुद्र मेंआत्मा का भटकन है वहइसी में क्यों पागल बनाहमारा यह मन और जीवन हैजिस दिन हमें अन्तर केआनन्द…

  • हिंदी की गौरव गाथा | Hindi ki Gaurav Gatha

    हिंदी की गौरव गाथा ( Hindi ki Gaurav Gatha ) मन के भाव व्यक्त करने का माध्यम है हिंदी।ऐसी साहित्यिक रस धार है हिंदी। सभी को समानता का अधिकार दिलाती है हिंदी।छोटे बड़े अक्षरों का भेद मिटाती है हिंदी। टूटे अक्षरों को सहारा देती है हिंदी।सभी क्षेत्रीय भाषाओं का हार है हिंदी। सभी नदियों को…

  • सच के साथ चल देना | Sach ke Sath Chal Dena

    सच के साथ चल देना   सच के साथ चल देना, जमाना साथ होगा। भला करते चलिए, खुशियों में हाथ होगा। सच्चाई की डगर पे, तो मुश्किलें हजार होगी। मिल जाएगी मंजिलें, सब बाधाएं पार होगी। सत्य का यह मार्ग, चलना संभल संभल के। संघर्षों की कहानी, रचना फिर राही चल के। जीत होगी सत्य…

  • विश्व शिक्षक दिवस | Vishva Shikshak Diwas

    विश्व शिक्षक दिवस ( Vishva Shikshak Diwas )   शिक्षक चेतना का चिराग मृदुल मृदु विमल वाणी, श्री चरण कमल वरदान । कृत कृत्य श्रेष्ठ उपमा, हृदय पुनीत संधान । दर्शन दिव्य दीप्त आभा , सुषुप्त सौभाग्य जाग । शिक्षक चेतना का चिराग ।। उर तरंग पावन झंकार, अलस सदा अति दूर । शोभित मन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *