Poem on Subhash Chandra Bose in Hindi

हमारे नेता जी

हमारे नेता जी

23 जनवरी 1897 को कटक उड़ीसा में जन्म हुआ,
जो पढ़ लिखकर अपने कला कौशल से अंबर छुआ।
पिता जानकी नाथ बोस मां प्रभावती का पुत्र था जो,
आजाद हिंद फौज बनाई और जय हिंद का नारा दिया।।

देखकर भारत मां की दुर्दशा को बौखला गए नेताजी,
1942 में आजाद हिंद फौज का गठन किए नेताजी ।
चालीस हजार भारतीय स्त्री पुरुषों को प्रशिक्षित करके ,
सर्वोच्च सेनापति बने अस्थाई सरकार बनाए नेताजी।।

26 जनवरी 1931 को कोलकाता में ध्वज फहराया,
सुभाष जी ने एक विशाल मोर्चे का नेतृत्व करवाया।
देश के लिए पुलिस की लाठी खाकर जेल गए नेताजी,
अंग्रेजी सरकार से समझौता कर कैदियों को रिहा कराया।।

सुभाष चंद्र बोस जी ग्यारह बार कारावास में बंद हुए,
16 जुलाई 1921 को अंग्रेजों ने 6 माह के लिए कैद किए।
देश के प्रति प्रेम देखकर अंग्रेजों के पसीने छूटने लगे ,
अंग्रेजों के निगरानी को धोखा देकर विदेश को चले गए।।

ऐसे महान देशभक्त को नमन सारा जहां करता है,
जो अपनी मातृभूमि के लिए न्योछावर प्राण करता है।
हम आजाद हो गए पर भूल गए अपने देशभक्तों को,
जो देश के लिए घुट घुट कर जीवन जिया करता है।।

प्रभात सनातनी “राज” गोंडवी
गोंडा,उत्तर प्रदेश

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