मां महागौरी | Maa Mahagauri

मां महागौरी

( Maa Mahagauri ) 

 

नवरात्रि की अष्टमी शुभ तिथि है आई,
माता पूजन और हवन कर लो सब भाई।

अष्टम दुर्गा के रूप में आती हैं महागौरी,
वृष सवारी करती माता चार भुजाधारी।

एक हाथ में त्रिशूल धरे दूजे डमरू बजाए,
शान्त स्वभाव वाली माता वर मुद्रा दिखलाए।

शिव प्रिया मां उमा भवानी हे जगदम्बे,
श्वेत प्रिया गौर वर्णी माता महाअम्बे।

कृपा कर देती माता अपने भक्तों पर जब,
सब दुख कष्ट मिट जाते आती मईया तब।

इनकी कृपा से सद्गुण आते मईया सत प्रवर्तिनी,
जग तारिणी माता महागौरी हैं महातपस्विनी।

अंधकार तम को हराए मईया असत विनाशिनी।
मिलता नवरात्र पूजन का सब फल जो इनको भजे,
श्रद्धा भक्ति से ध्यान करे और भाव सहित जो पूजे।।

 

रचनाकार –मुकेश कुमार सोनकर “सोनकर जी”
रायपुर, ( छत्तीसगढ़ )

यह भी पढ़ें :-

 

मां कालरात्रि | Maa Kalratri

Similar Posts

  • होलिया में गरवा लगवा | Holiya me

    होलिया में गरवा लगवा छुटि जाई दुनिया -जहान, होलिया में गरवा लगावा। जाई नहीं सथवाँ ई महल-अटरिया, दाग से बचावा तू अपनी चदरिया। अपनी चदरिया हो,अपनी चदरिया, अपनी चदरिया हो,अपनी चदरिया, नाहीं करा तनिको ग़ुमान, होलिया में गरवा लगावा, नाहीं करा तनिको ग़ुमान, होलिया में गरवा लगावा, छुटि जाई दुनिया -जहान, होलिया में गरवा लगावा।…

  • बुनियाद | Buniyaad

    बुनियाद ( Buniyaad )    पूरी ईमानदारी से केवल तीन प्रश्नों के उत्तर ही खोज लीजिए ,की अब तक आपने क्या खोया क्या पाया आपके समाज और देश ने क्या खोया क्या पाया बस, आपको जीने , जन्मने और पाने का अर्थ मिल जायेगा…. जिंदा रहना ही अगर जिंदगी है तो मान लीजिए की आप…

  • मैं खुशनसीब | Main Khushnaseeb

    मैं खुशनसीब ( Main Khushnaseeb)   आज समझता हूं खुशनसीब खुद को काटों की दवा भेज दी खुदाने मुझको जख्मों की दवा लाया है दोस्त मेरा चमन की हवा लाया है दोस्त मेरा खुशनसीब फूल हूं मैं खिला हुआ कौन कहता है की मैं हूं बिखरा हुआ सवालों के घेरे से निकला हूं आज बाहर…

  • मैं भारत की नारी हूं | Main Bharat ki Naari Hoon

    मैं भारत की नारी हूं ( Main bharat ki naari hoon )    मैं भारत की नारी हूं, मैं कोमल हूं कमजोर नहीं। हौसलों की भरती उड़ाने, बस केवल शोर नहीं। कीर्तिमान रचे मैंने, किरदार कितने निभाए हैं। संघर्षों में तूफानों में, परचम हमने लहराए हैं। रिश्तो की डगर लुटाती, स्नेह के मोती प्यार भरे।…

  • आस्था का पर्व छठ पूजा | Chhath puja par kavita

    आस्था का पर्व छठ पूजा ( Aastha ka parv chhath puja )   यह वैदिक काल से चलता आ रहा अनुपम लोकपर्व, बिहार झारखंड में मनाया जाता धूम-धाम से ये पर्व। उषा प्रकृति जल वायु एवं सूर्य को विशेषकर‌ पूजता, सबसे बड़ा और अनोखा छठ मईया का यें महा पर्व।।   पर्व का अनुष्ठान कठोर…

  • भुजंग भूषण कैलाशपति | Mahakal Kavita

    भुजंग भूषण कैलाशपति ( Bhujang Bhushan Kailashpati )    तेरे दर पर शीश नवाता बाबा तेरे मंदिर जाता हूं लोटा भर के जल चढ़ाऊं अर्पण करने आता हूं तेरा नाम जपूं निशदिन बाबा तेरा ध्यान लगाता हूं मंझधार में डूबी नैया शिव दिल का हाल सुनाता हूं हे कैलाशी तू अविनाशी शिव नीलकंठ महादेव डमरू…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *