नव वर्ष 2021

नव वर्ष 2021

नव वर्ष 2021

 

 

–> नये साल 2021 की सब अपनों को, पहुँचे ढ़ेरों बधाई

 

 

1.जैसा गुजरा अच्छा गुजरा, अब देना है विदाई |

हम सब मिलकर करते हैं, 2020 से आज जुदाई |

 

 

याद रहेगा अनंत काल तक, कोरोना ने फैलाई चटाई |

विदा करो बड़ी धूम-धाम से, मत रखो मन में खटाई |

 

–> नये साल 2021 की सब अपनों को,पहुँचे ढ़ेरों बधाई ||

 

 

2.एक जनवरी 2021 आया, खाओ-खिलाओ मिठाई |

सुबह हो गई उठ जागो भागो, छोड दो अब तो रजाई |

 

 

नहा-धो कर स्वागत के खातिर, गैस मे रखो कढ़ाई |

गरम पकौडे खीर पराठे, परोसो चाय के साथ मलाई |

 

 

–> नये साल 2021 की सब अपनों को,पहुँचे ढ़ेरों बधाई ||

 

 

3.फोन उठाओ देओ बधाई, कर लो मेल-मिलाई |

पिछला सब छोडो भूलो, करो नये सपनों से सगाई |

 

 

जो गुजर गया सो गुजर गया, जिन्दगी जैसे भी बिताई |

भूलो-भालो सब चिंता छोडो, गमों की कर दो रिहाई |

 

 

–> नये साल 2021 की सब अपनों को,पहुँचे ढ़ेरों बधाई ||

 

 

4.प्रण लो आज नए साल में, कमजोरों की पकडो कलाई |

खुशियों से दामन भर डालो, जिसने आप-बीती बताई |

 

 

जितना कम-ज्यादा कर सकते, करो मदद की चढ़ाई |

सुदीश की ओर से नए साल पर, स्वागत और बधाई |

 

 

–> नये साल 2021 की सब अपनों को, पहुँचे ढ़ेरों बधाई ||

❤️

लेखक:  सुदीश भारतवासी

Email: sudeesh.soni@gmail.com

यह भी पढ़ें :

इजाजत् मिले तो

 

Similar Posts

  • एक्स रे और फोटो | X-Rays aur Photos

    एक्स रे और फोटो ( X-rays aur photos )   सुंदर छवि आकर्षक मोहक मन को लगती प्यारी। एक एक्स रे बतला देता देह भीतर की हो बीमारी। अंतर्मन में छुपे राज को अब जान नहीं कोई पाया। क्या फोटो क्या करें एक्स-रे प्रभु कैसी तेरी माया। छल कपट मद लोभ भर गया घट घट…

  • Prem ki Holi | कविता प्रेम की होली

    प्रेम की होली ( Prem Ki Holi )   खेलेंगे हम प्रेम की होली। अरमानों की भरेगी झोली। खुशियों की बारात सजेगी, बिगड़ी सारी बात बनेगी। नोंक-झोंक कुछ हल्की-फुल्की, होगी हॅंसी-ठिठोली। खेलेंगे हम प्रेम की होली।   महुए की मदमाती गंध, फूलों की खुशबू के संग। आया है दुल्हा ऋतुराज, चढ़कर फाग की डोली। खेलेंगे…

  • मकर संक्रांति | Makar Sankranti

    मकर संक्रांति ( Makar Sankranti ) ( 2 )  मकर संक्रांति का है पर्व महान, है यह समर्पित सूर्य भगवान। कहें लोहड़ी, खिचड़ी उत्तर में, पूर्व बिहू,दकन पोंगल से जान।। पौराणिक सुने एक कथा महान, श्रीहर्ष आते, करते कुम्भ स्नान। अपना संचित सब धन औ धान्य, सब याचकों को कर जाते दान।। हम भी ब्रह्म…

  • विश्व वृद्धजन दिवस | International Day for Older Persons

    विश्व वृद्धजन दिवस हमारा जीवन,वृद्धजन प्रदत्त उपहार है सनातनी संस्कृति संस्कार, वृद्धजन सदा परम स्थान । स्नेहिल पावन सानिध्य, दुःख कष्ट तनाव प्रस्थान । अनूप आनुभविक शाला, प्रेरणा ज्ञान पुंज बहार है । हमारा जीवन,वृद्धजन प्रदत्त उपहार है ।। पौराणिक कथा कहानियां, अद्भुत पुरात्तन दृष्टांत । शमित सारे उग्र आवेश, चितवन अनुपम शांत । भूमिका…

  • शिक्षक होता युग निर्माता | Shikshak par Kavita

    शिक्षक होता युग निर्माता ( Shikshak hota yug nirmata )    शिक्षक ही होता युग निर्माता, आदर्शों का वह पाठ पढ़ाता। वो मर्यादा, संस्कार सिखाता, भविष्य की बुनियाद ‌बनाता।। अज्ञानता से सबको उबारता, सद्गुणों का संदेश वह देता। अंधेरे से उजाला वो दिखाता, आध्यात्मिकता ज्ञान बताता।। सभी बच्चों का ध्यान रखता, बुद्धिमान व गुणवान बनाता।…

  • पश्चाताप | Poem paschatap

    पश्चाताप ( Paschatap )   पश्चाताप सम्राट अशोक किया, कलिंग युद्ध बाद। भीषण नरसंहार हुआ, उन्नति मूल्य हो गये बर्बाद।   राम को बनवास भेज, दशरथ ने किया परिताप। राम राम रटते मर गए, हुआ पुत्र वियोग संताप।   पछतावा फिर होता जब, चिड़िया चुग जाये खेत। सोना उगले धरती मांँ, मोती निपजे ठंडी बालू…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *