श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे | Janmashtami ke geet

श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे

( Shyam ki bansuri mujhe pukare )

 

धूम मची जमुना किनारे, श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे।
राधा के घनश्याम प्यारे, मीरा के प्रिय मोहन दुलारे।
जय गोविंदा जय गोविंदा -2

 

केशव माधव नटवर नागर, अधरो पे मुरली साजे।
रुनक झुनक बाजे पैजनिया, मोहक धुन बंसी बाजे।
गोवर्धनधारी की लीला प्यारी, लगती हमको नंदा।
यशोदा के राज दुलारे, गोकुल मोर मुकुट चंदा।
जय गोविंदा जय गोविंदा -2

 

नटखट श्याम बिहारी देखूं ,छवि तिहारी मनमोहक।
कृष्ण कन्हैया दौड़े आजा, हृदय फुलवारी रही महक।
सारी दुनिया का रखवाला, पूजन करती है नित वृंदा।
खुशियों का खजाना कान्हा, गिरधर गोपाला गोविंदा।
जय गोविंदा जय गोविंदा-2

 

श्याम की बांसुरी मुझे पुकारे, राधा दौड़ी यमुना किनारे।
आ गए अब घनश्याम हमारे, खुल गए हैं भाग्य हमारे।
सांवली सूरत मोहनी मूरत, नयन दमक रहे ज्यो चंदा।
चक्र सुदर्शन धारी माधव, नटखट जग करता आनन्दा।
जय गोविंदा जय गोविंदा-2

?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :- 

मुस्कुराना चाहिए | Muskurana chahiye | Kavita


Posted

in

by

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *