जीवन यह अनमोल | Jeevan ye Anmol
जीवन यह अनमोल
( Jeevan ye anmol )


( Jeevan ye anmol )


मानव एक दूत है ( Manav ek doot hai ) रचकर भेजा है इस धरती पर मानव एक दूत है। नीली छतरी वाला बैठा उसकी माया अद्भुत है। वो डोर हिलाता सबकी सांसो की सरगम सुनता। बाजीगर के खेल निराले ताना-बाना सब बुनता। मानव को माध्यम बनाया धर्म-कर्म सब काज करें। दो हाथों से…

यें फाल्गुनी महीना ( Ye falguni mahina ) यें फाल्गुनी महीना होता है प्रकृति के लिए सौगात, जो प्रकृति के नज़रिये से महत्वपूर्ण धार्मिक मास। जिसके पश्चात होता है हिन्दू नए साल का आगाज़, हिन्दू पंचांग में साल का यही होता आख़िरी मास।। इसी महिनें में आतें है दो लोकप्रिय बड़े ही त्योंहार, जो…

भिखारी की भीख ( Bhikhari ki bheekh ) एक भिखारी रोज़ गाॅंव जाता, भीख माॅंगकर घर में वो लाता। रोज़ाना वह यही काम करता, काम-धंधा वो कुछ नही करता।। एक घर में जाता वह रोज़, जिसमे औरत अकडू थी एक । भीख माॅंगता उसे गाली मिलती, झोले में वह कुछ नही डालती।। एक दिन…

सरस्वती वन्दना ( Saraswati Vandana ) हे चन्द्र वदना ज्ञानदा, माँ भारती पदनिलया। बागीश्वरी सुरवन्दिता, चतुरानन साम्राज्या। हे हंसवाहिनी श्रीप्रदा, हे महाभद्रा वरप्रदा। सौदामिनी वीणापणी, जटिला भामा भोगदा। हे वाग्देवी भारती, माँ महाश्वेता शिवानुजा। इस सृष्टि की सम्पूर्णता, रस रंग की माधुर्यता। तुमसे ही पुस्तक ज्ञान है, इस शेर को सम्मान…

है तुझे भी इजाजत ( Hai tujhe bhi ijazat ) उतर आओ चांदनी सी मिल जाए जब भी फुर्सत। महकती वादियों में मिलना, है तुझे भी इजाजत। है तुझे भी इजाजत,है तुझे भी इजाजत रुप का श्रंगार हो तुम, गुल गुलशन बहार हो तुम। कुदरत का कोई अजूबा, प्यार का इजहार हो तुम।…

रे आदमकद ! ( Re aadamkad ) हो गया है तू कितना बौना! तुझे हर वक्त चाहिए सुख सुविधाओं का बिछौना! भूल गया है तू इस पुण्य धरा में कहांँ-कहांँ महान सभ्यता- संस्कृति के गौरव चिन्ह छुपे हुए हैं अपने मन से पूछ क्या तूने कभी खोजें हैं! अधुनातन रंग में रंग गया है…