सरस्वती वन्दना

Saraswati Vandana | सरस्वती वन्दना

सरस्वती वन्दना

( Saraswati Vandana )

 

हे चन्द्र वदना ज्ञानदा,
माँ भारती पदनिलया।
बागीश्वरी सुरवन्दिता,
चतुरानन साम्राज्या।

 

हे हंसवाहिनी श्रीप्रदा,
हे महाभद्रा वरप्रदा।
सौदामिनी वीणापणी,
जटिला भामा भोगदा।

 

हे वाग्देवी भारती,
माँ महाश्वेता शिवानुजा।
इस सृष्टि की सम्पूर्णता,
रस रंग की माधुर्यता।

 

तुमसे ही पुस्तक ज्ञान है,
इस शेर को सम्मान है।
हे ज्ञानमुद्रा मालिनी,
तुम सुधामूर्ति सरस्वती।

 

हम जड है तुम हो चेतना,
तुम देवी पद्मा लोचना।
कर बद्ध स्तुति कर रहा
जग सर्व देवी स्तुता।

 

कवि शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें : 

Hindi Poetry On Life | Hindi Kavita | Hindi Poem- भाग्य

Similar Posts

  • तुलसी | Tulsi par kavita

    तुलसी ( Tulsi )   हरी पूजन तुलसी बिना रहता सदा अधूरा हैl विष्णु आशीष से पूजित घर-घर तुलसी चौरा है l वृंदा के पतिव्रत के आगे नारायण भी हारे है l शालिग्राम से ब्याह रचाया तुलसी मान बढ़ाया हैl भोग बिना तुलसी के हरि को कब भाया हैंl नारी की सतीत्व ने हरि को…

  • प्रेमसिंह सोलंकी जी

    प्रेमसिंह सोलंकी जी ( स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व विधायक ) हमारे आदर्श आदरणीय श्री प्रेमसिंह सोलंकी जी,जनता के बीच में जन _जन के नायक थे।समाज सेवी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,राजनीति के धुरंधर विधायक थे।। तारीख 15 जुलाई सन 1913 को स्थानपटेल फलिया, समोई, मध्यप्रदेश मेंपिता श्री बापुजी सोलंकी.जीबालक बन कर जन्म लिए घर परिवार…

  • राम जन्मभूमि पावन है | Ram Janmabhoomi

    राम जन्मभूमि पावन है ( Ram janmabhoomi pawan hai )   नए साल में शोर मचाया, अवध को लौटे सियाराम। धर्म ध्वज नभ लहराया, जयकारा जय जय श्रीराम। भव्य है राममंदिर, दिव्य अलौकिक अनुपम धाम। राम नाम से गूंज रहा है, अवधपुरी जप आठों याम। सरयू तट पे राम कीर्तन, मठ मंदिर में राम का…

  • पर्यावरण || Kavita

    पर्यावरण ( Paryaavaran )   नीम की डाली ने चिड़िया से कहा आ जाओ। रोकर चिड़िया ने कहा मेरा पर्यावरण लाओ।। धुआ ये धूल और विष भरी गैसों का ब्योम, कैसे पवित्र होगा हमको भी तो समझाओ।। काट कर पेड़ हरे अभिमान से रहने वालों, छांव के लिए सिर धुनकर नहीं अब पछताओ।। कारखानों का…

  • नंदलाल आयो रे बधाई | Geet

    नंदलाल आयो रे बधाई ( Nandlal aayo re badhai )   आई आई शुभ घड़ी आई, वृंदावन धाम रे। यशोदा घर बजे शहनाई, कन्हैया नाम रे।   लीलाधारी नटखट कान्हो, नंद घर आयो। राधा संग गोपिया नाची, कान्हो मुरली मधुर बजायो।   गोकुल में बंटे मिठाई, दे रहे सब जन खूब बधाई। आयो माधव मुरली…

  • ईवीएम मशीन दुखियारी

    ईवीएम मशीन दुखियारी बिना बात के ही हैं कोसी जाती , फिर भी चुपचाप सब सह जाती मशीन हैं इसलिए कुछ न कह पाती झूठे सारे आरोप ये दुनिया लगती ।। यही ईवीएम जब किसी पक्ष को जीताती तो उस पक्ष की ये फिर सगी बन जाती वही विपक्ष से तब ये खाती हैं गाली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *