कभी तुम

कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो

कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो

कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो
फ़क़त मुझ को भी अपना मान कर देखो

विरासत में नहीं मिलते ख़ुशी के पल
ये काँटों से भरा मेरा सफ़र देखो

लक़ब मुझ को मिले जो अब तलक सारे
मिरी माँ की दुआ का है असर देखो

अगर जो प्यार में दिल तोड़ते हो तुम
दुआ से बद्दुआ का फिर असर देखो

तुम्हें आरास्ता ख़ुशियों से कर दूँगी
कभी तो हाथ मेरा थाम कर देखो

कभी फूलों की महफ़िल में ज़रा आओ
यहाँ आ कर मोहब्बत का असर देखो

फ़िज़ाएँ प्यार का पैग़ाम लाएँ जब
तो प्यारी गुफ़्तगू करते शजर देखो

शबा राव
रूड़की उत्तराखंड

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • कितने | Kitne

    कितने ( Kitne )    पेड़ों से पत्ते बिछड़ गये कितने इस जग उपवन से उजड़ गये कितने सारा दिन अब ये चला रहे हैं फ़ोन इस युग के बच्चे बिगड़ गये कितने पहले हर कोई,गुनाहों से था दूर इस पथ को अब तो पकड़ गये कितने सबकी फ़रियादें,कहाँ सुनेगा रब इस दर पर माथा…

  • कोई अपना तो जग में हुआ ही नहीं

    कोई अपना तो जग में हुआ ही नहीं कोई अपना तो जग में हुआ ही नहींप्यार क्या है मुझे यह पता ही नहीं आज वो भी सज़ा दे रहें हैं मुझेजिन से अपना कोई वास्ता ही नहीं मैं करूँ भी गिला तो करूँ किसलिएकोई अपना मुझे तो मिला ही नहीं जिनसे करनी थी कल हमको…

  • हमेशा रहे बेसहारों में शामिल

    हमेशा रहे बेसहारों में शामिल रहे तनहा होकर हज़ारों में शामिलहमेशा रहे बेसहारों में शामिल सदा ही रही है ख़ुशी दूर हमसेरहे हम सदा ग़मगुसारों में शामिल नहीं बन सके हम महाजन कभी भीसदा ही रहे देनदारों में शामिल ज़मीं पे मिलन हो न पाया हमाराचलो होंगे अब हम सितारों में शामिल मिली हमको मन…

  • परदेस में रहा | Pardes mein Raha

    परदेस में रहा ( Pardes mein raha )  दीवारो-दर से जिसकी सदा गूँजती रही मेरी निगाह घर में उसे ढूँढती रही अहसास था ख़याल तसव्वुर यक़ीन था किस किस लिबास में वो मुझे पूजती रही मैं काम की तलाश में परदेस में रहा वो ग़मज़दा ग़मों से यहीं जूझती रही मैं लिख सका न उसको…

  • आवाज़ मिला दी मैंने | Awaaz Mila di Maine

    आवाज़ मिला दी मैंने ( Awaaz Mila di Maine ) ज़िन्दगी उसके मुताबिक ही बना दी मैंनेउसकी आवाज़ में आवाज़ मिला दी मैंने इसलिए चेहरे पे रहता है तबस्सुम मेरेदिल दुखाती थी जो वो बात भुला दी मैंने ज़िन्दगी ऐसे मुहाने पे ले आई मुझकोआग अपनी ही तमन्ना में लगा दी मैंने उनका दीदार किसी…

  • मुहब्बत में इशारे बोलते हैं | Muhabbat mein

     मुहब्बत में इशारे बोलते हैं ( Muhabbat mein ishare bolte hain )   फ़लक से चाँद तारे बोलते हैं मुहब्बत में इशारे बोलते हैं तुम्हीं ने रौनक़े बख़्शी हैं इनको यहाँ के सब नज़ारे बोलते हैं बहुत गहरा है उल्फ़त का समुंदर मुसाफिर से किनारे बोलते हैं बहुत मुश्किल सफ़र है ज़िन्दगी का थके हारे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *