अतुल्य भारत

अतुल्य भारत | Kavita Atulya Bharat

अतुल्य भारत

( Atulya Bharat )

अतुल्य भारत, हिय प्रियल छवि

सर्व धर्म समभाव छटा,
स्नेह प्रेम भाईचारा अनंत ।
विविधता अंतर एकता,
जीवन शैली संस्कार अत्यंत ।
खेती संग खुशहाली अथाह,
परिश्रमी ओज सम रवि ।
अतुल्य भारत, हिय प्रियल छवि ।।

दक्षिणी एशिया वृहत्तर राष्ट्र,
पर्यटन क्षेत्र अति उत्तम ।
उत्तर शोभा दिव्य हिमालय ,
दक्षिण हिंद महासागर मनोरम ।
लद्दाख लाहौल बर्फीले मरुथल,
थार राजस्थानी शान पवि ।
अतुल्य भारत, हिय प्रियल छवि ।

मनहर आभा बर्फीली चोटियां ,
कश्मीर सह अरुणाचल प्रदेश ।
जैव विविधता अप्रतिम दर्शन ,
पूर्वी पश्चिमी घाट परिवेश ।
गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र नर्मदा ,
ताप्ती कावेरी संग प्रगति नवि ।
अतुल्य भारत, हिय प्रियल छवि ।।

चिल्का वूलर झील मोहिनी ,
अंडमान लक्षद्वीप अर्णव श्रृंगार।
विशाल रन कच्छ अनुपम ,
मरुस्थल अंतरंग दर्श क्षार ।
तिरंगी अनुपमा नित्य शीर्ष,
रज रज तत्पर हिंद उज्ज्वल भवि ।
अतुल्य भारत,हिय प्रियल छवि ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

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