बचा रहे गणतंत्र | Kavita Bacha Rahe Gantantra

बचा रहे गणतंत्र

( Bacha rahe gantantra )

 

अंतिम चरण बचा है अब तो,
अपना मत दे डारो !
बिगड़ न जाए बात कहीं अब,
अपनी भूल सुधारो !!

रहे सुरक्षित गणतंत्र हमारा ,
लोभी नेताओं से !
देश बचाना है हम सबको ,
सेक्युलर मक्कारों से !!

चूक गए तो, जिज्ञासु ‘जन’ ,
देश बिखर जाएगा !
थोड़ी सी लापरवाही से ,
भविष्य बिगड़ जाएगा !!

हांथ तुम्हारे अभी शक्ति है ,
इसको न व्यर्थ गवाओ !
देकर वोट योग्य व्यक्ति को ,
गरिमा गणतंत्र बढ़ाओ !!

kamlesh

कमलेश विष्णु सिंह “जिज्ञासु”

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तभी बचेगा लोकतंत्र

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